अलफुरकान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष को ED ने क्यों किया गिरफ्तार, पढ़ें क्या है पूरा मामला

ईडी ने यह मामला राजस्थान पुलिस की दो एफआईआर और गुप्त सूचनाओं के आधार पर शुरू किया. आरोप है कि सदीक़ कट्टरपंथी गतिविधियों, जबरन धर्मांतरण और दावत के काम में शामिल थे.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
नई दिल्ली:

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने अलफुरकान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद सदीक उर्फ सादिख खान को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि सदीक को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने ट्रस्ट के नाम पर जमा होने वाले दान की रकम का गलत इस्तेमाल किया और इसे अवैध गतिविधियों, विदेशी संपर्कों और कट्टरपंथ फैलाने के लिए खर्च किया.गिरफ्तारी के बाद ईडी ने मोहम्मद सदीक़ को 4 दिसंबर को जयपुर की विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने उन्हें 3 दिन की ईडी कस्टडी दी है ताकि एजेंसी आगे जांच कर सकें.

ईडी ने यह मामला राजस्थान पुलिस की दो एफआईआर और गुप्त सूचनाओं के आधार पर शुरू किया. आरोप है कि सदीक़ कट्टरपंथी गतिविधियों, जबरन धर्मांतरण और दावत के काम में शामिल थे. उनके और परिवार के बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन भी सामने आए हैं. पुलिस के रिकॉर्ड में उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर मामले भी हैं.

जांच में यह भी सामने आया कि सदीक़ ने अलफुरकान ट्रस्ट के जरिए मस्जिद-ए-आयेशा के नाम पर बड़ी मात्रा में नकद दान जुटाए. इस दान का कोई हिसाब-किताब नहीं रखा गया और पूरा पैसा सदीक़ के पास कैश में रहता था. ईडी का कहना है कि उन्होंने इसी पैसों का इस्तेमाल विदेश यात्राओं और अवैध कामों में किया. उनकी यात्राएं बांग्लादेश,नेपाल, कतर और ओमान शामिल हैं, जिनमें कोई वैध आर्थिक रिकॉर्ड नहीं मिला.एजेंसी के अनुसार, सदीक़ कई वर्षों से बिना किसी वैध आय के रह रहे थे और जुआ,अवैध शराब और देसी हथियारों की अवैध सप्लाई जैसे आपराधिक कामों से पैसा कमाते थे. पुलिस ने एक पुराने केस में उनसे तीन देसी हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए थे.

जांच में यह भी पाया गया कि सदीक़ ने जमत-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के लोगों से मुलाकात की थी और नेपाल के जरिए सीरिया जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इमिग्रेशन ने उसे रोक दिया. उनका एक भड़काऊ भाषण देने वाला वीडियो भी सामने आया है,जिसके जरिए साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की गई थी.इसके अलावा, विदेशी देश के झंडे को जलाने जैसी घटनाएँ भी उनके नेतृत्व में हुईं, जिन्हें करके वह जनता की भावनाएँ भड़काकर दान के पैसे इकट्ठा करता था.ईडी के अनुसार मोहम्मद सदीक़ की गिरफ्तारी अवैध फंडिंग, कट्टरपंथी नेटवर्क और गुप्त आपराधिक गतिविधियों के बड़े नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में अहम कदम है. जांच अभी जारी है.

Featured Video Of The Day
Supreme Court News: आवारा कुत्ते मामले की सुनवाई के दौरान कहां से आई चूहे, बिल्ली की बातें?
Topics mentioned in this article