- असम में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में जन आशीर्वाद यात्रा शुरू की है
- ढेकियाजुली को यात्रा की शुरुआत के लिए चुना गया क्योंकि यह मध्य असम का बहुजातीय और बीजेपी का मजबूत गढ़ है
- ढेकियाजुली का स्वतंत्रता आंदोलन से संबंध है, जहां 1942 में 13 स्वतंत्रता सेनानियों ने प्राणों की आहुति दी थी
असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी जन आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत की है. बीजेपी की यह यात्रा जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है. असम में बीजेपी ने शनिवार के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में ढेकियाजुली से अपनी 'जन आशीर्वाद यात्रा' शुरू की. इस बीच सवाल ये भी है कि आखिर जन आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत के लिए हिमंता ने इतने बड़े असन से ढेकियाजुली को क्यों चुना.
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सीएम हिमंता ने यात्रा के लिए ढेकियाजुली को क्यों चुना?
इसका जवाब यह है कि ढेकियाजुली मध्य असम के सोनितपुर जिले का एक अहम शहर है और बीजेपी का गढ़ भी है. हिंदू बहुसंख्यक होने के साथ ही यह क्षेत्र बहुजातीय भी है. यहां पर असमिया, बंगाली, नेपाली, हिंदी भाषी और बोडो लोग एक साथ रहते हैं. वहीं पड़ोसी दरांग जिले में अच्छी खासी आबादी मुस्लिमों की है. यही वजह है कि बीजेपी का मुस्लिम विरोधी नारा बहुजातीय ढेकियाजुली के लिए बिल्कुल उपयुक्त माना जा रहा है.
ढेकियाजुली का संबंध स्वतंत्रता आंदोलन से भी है. 1942 में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश में 13 स्वतंत्रता सेनानियों ने इसी जगह अपने प्राणों की आहुति दी थी. यही वजह है कि बीजेपी ने ढेकियाजुली को चुना है.
बीजेपी की जन आशीर्वाद यात्रा का मकसद क्या है?
जन आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने ढेकियाजुली के गुप्तेश्वर मंदिर में आशीर्वाद लेकर की. से की. यह सातवां शिव मंदिर है, जिसकी मान्यता सबसे ज्यादा है. सीएम द्वारा एक फेमस मंदिर में पूजा के बाद अपनी यात्रा की शुरुआत करना हिंदू बहुल क्षेत्रों के लिए एक अच्छा संकेत है. बीजेपी की इस यात्रा का मकसद पार्टी के विजन, उपलब्धियों और संगठनात्मक एजेंडे को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है. बता दें कि यह यात्रा 34 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए 28 फरवरी से 9 मार्च तक चलेगी.
असम में कहां-कहां से होकर गुजरेगी जन आशीर्वाद यात्रा?
ढेकियाजुली से शुरू हुई यााबारसोला, तेजपुर, नादुआर और रोंगापारा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरी. बीजेपी के मुाबिक, यह यात्रा हरदिन करीब 70-80 किमी. की दूरी तय करेगी. इसका मसकद हरदिन करीब एक लाख लोगों तक पहुंचना है. अगले चरणों में यात्रा मोरीगांव, नागांव, गोहपुर, बिहपुरिया, धेमाजी, जोनाई, तिंघोंग, नाहरकटिया, गोलाघाट, डिगबोई, तिनसुकिया, नलबाड़ी और रंगिया के निर्वाचन क्षेत्रों के साथ राज्य के अन्य हिस्सों से होकर गुजरेगी. पहले चरण में यात्रा 400 किमी. से ज्यादा की दूरी तय कर 22 महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों तक पहुंचेगी. इसकी शुरुआत के लिए ढेकियाजुली को चुनना कई मायनों में अहम माना जा रहा है.













