WPI Inflation Data: महंगाई से राहत नहीं, दिसंबर में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 0.73 प्रतिशत हुई

Wholesale Inflation in December: बता दें कि डब्ल्यूपीआई आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल से अक्टूबर तक लगातार शून्य से नीचे बनी हुई थी. जबकि नवंबर में यह 0.26 प्रतिशत थी.

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Wholesale Inflation Data : खाद्य पदार्थों, खासकर सब्जियों तथा दालों की कीमतों में तेज उछाल से डब्ल्यूपीआई आधारित मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी हुई.
नई दिल्ली:

India Inflation Data: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने आज यानी 15 जनवरी 2024 को होलसेल प्राइस इंडेक्स (Wholesale Price Index) यानी डब्ल्यूपीआई (WPI) आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े जारी किए हैं. वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, थोक मुद्रास्फीति  (WPI Inflation Rate) दिसंबर में बढ़कर 0.73 प्रतिशत हो गई. खाद्य पदार्थों, खासकर सब्जियों तथा दालों की कीमतों में तेज उछाल से इसमें बढ़ोतरी हुई.

बता दें कि डब्ल्यूपीआई आधारित मुद्रास्फीति (Wholesale Inflation Rate) अप्रैल से अक्टूबर तक लगातार शून्य से नीचे बनी हुई थी. जबकि नवंबर में यह 0.26 प्रतिशत थी.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी एक बयान के अनुसार, ‘‘ वस्तुओं, मशीनरी तथा उपकरण, विनिर्माण, परिवहन अन्य उपकरण तथा कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक तथा ऑप्टिकल उत्पादों आदि की कीमतों में वृद्धि दिसंबर 2023 में थोक मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी का कारण रही.''

खाद्य मुद्रास्फीति दिसंबर में बढ़कर 9.38 प्रतिशत
खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति दिसंबर में बढ़कर 9.38 प्रतिशत रही, जो नवंबर में 8.18 प्रतिशत थी.दिसंबर में सब्जियों की महंगाई दर 26.30 प्रतिशत, जबकि दालों की महंगाई दर 19.60 प्रतिशत थी.

पिछले सप्ताह जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर के लिए खुदरा या कन्ज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति बढ़कर चार महीने के उच्चतम 5.69 प्रतिशत पर पहुंच गई.

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आरबीआई ने ब्याज दरों में नहीं किया बदलाव
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने पिछले महीने अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को स्थिर रखा था. इसके साथ ही नवंबर और दिसंबर में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़ने के जोखिमों को चिह्नित किया था.

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