दिशा सालियान मौत मामले में CBI की जांच अब एक अनुभवी अधिकारी के हाथों में है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस संवेदनशील मामले की निगरानी की जिम्मेदारी SP सीमा पाहुजा को सौंपी है, जिन्हें कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों की जांच का अनुभव है. 13 सितंबर को दर्ज FIR में फिलहाल किसी को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन CBI अब मामले से जुड़े गवाहों और घटनास्थल से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करेगी. जांच का मुख्य फोकस 8 जून 2020 की रात की घटनाओं, गवाहों के बयानों और फोरेंसिक साक्ष्यों को जोड़कर मौत की परिस्थितियों का पता लगाना होगा.
पहले जानिए कौन हैं गोल्ड मेडलिस्ट सीमा पाहुजा?
सीमा पाहुजा वर्तमान में CBI मुख्यालय, नई दिल्ली की स्पेशल क्राइम यूनिट में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात हैं. उन्हें जटिल और संवेदनशील मामलों का एक्सपर्ट अफसर माना जाता है. कठिन आपराधिक मामलों की जांच, डिजिटल और फोरेंसिक सबूतों के एनालिसिस तथा कई स्तरों पर जांच प्रक्रियाओं को संभालने का उन्हें लंबा अनुभव है. उनकी कार्यशैली और जांच क्षमता को देखते हुए उन्हें वर्ष 2021 में 'बेस्ट इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर' का गोल्ड मेडल भी प्रदान किया गया था.
सीमा पाहुजा
कई चर्चित मामलों की कर चुकी हैं जांच
सीमा पाहुजा का नाम देश के कई हाई-प्रोफाइल मामलों से जुड़ा रहा है. वह 2024 में कोलकाता के चर्चित आरजी कर अस्पताल रेप और मर्डर मामले की जांच करने वाली टीम का हिस्सा रही थीं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित हाथरस मामले की जांच के लिए गठित 15 सदस्यीय CBI टीम में भी उनकी अहम भूमिका थी. उन्नाव रेप केस की जांच में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई थी. इन मामलों में जुटाए गए सबूतों और जांच की दिशा तय करने में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है.
हिमाचल के गुड़िया केस में भी निभाई थी भूमिका
सीमा पाहुजा को हिमाचल प्रदेश के चर्चित 'गुड़िया केस' की जांच का दायित्व भी सौंपा गया था. शिमला में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या के मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था. इस मामले की जांच में भी उनका नाम प्रमुख अधिकारियों में शामिल रहा.
CBI ने दर्ज की FIR
दिशा सालियान मौत मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI ने 13 सितंबर को औपचारिक रूप से FIR दर्ज की है. हालांकि एजेंसी ने अभी तक किसी भी व्यक्ति को नामजद आरोपी नहीं बनाया है. CBI अब मामले से जुड़े गवाहों, उपलब्ध दस्तावेजों और फोरेंसिक तथ्यों को दोबारा खंगालने की तैयारी कर रही है. जांच का प्रमुख फोकस उन लोगों पर रहेगा जो दिशा सालियान की मौत से पहले मौजूद कथित पार्टी या सामाजिक कार्यक्रम का हिस्सा थे.
किन बिंदुओं पर होगी जांच?
CBI अब यह जानने की कोशिश करेगी कि 8 जून 2020 की रात वास्तव में क्या घटनाक्रम हुआ था. एजेंसी उन लोगों के बयान दर्ज करेगी जो दिशा सालियान की मौत से पहले मुंबई में उनके मंगेतर रोहन रॉय के घर हुई कथित पार्टी या गैदरिंग में मौजूद थे. जांच अधिकारी उस रात की गतिविधियों, गवाहों के बयानों, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और फोरेंसिक तथ्यों को आपस में जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियों को समझने की कोशिश करेंगे. अब जांच के दौरान सामने आने वाले बयान और सबूत अहम होंगे. CBI टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि 8 जून 2020 की रात वास्तव में क्या हुआ था और दिशा सालियान की मौत किन परिस्थितियों में हुई.
FIR में कौन-कौन सी धाराएं?
CBI द्वारा दर्ज FIR में गंभीर आपराधिक धाराएं शामिल की गई हैं. मामले में आपराधिक साजिश, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, सबूत मिटाने और अपराधियों को बचाने के लिए गलत रिकॉर्ड तैयार किए जाने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं. हालांकि जांच एजेंसी ने साफ किया है कि फिलहाल FIR में किसी भी व्यक्ति को आरोपी के रूप में नामजद नहीं किया गया है. आगे की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी.
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