कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 200 से अधिक दिनों से आंदोलन कर रहे किसानों के प्रति समर्थन जताया और आरोप लगाया कि ''बड़ा सकंट खड़ा होने के बावजूद सरकारी नीतियां विफल नजर आती हैं.'' गांधी ने इंस्टाग्राम पर कहा, ''पिछले करीब 200 से अधिक दिनों से किसान कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी आजीविका को बचाने की मांग उठा रहे हैं. खेती में आने वाली लागत इससे होने वाली कमायी से कहीं अधिक बढ़ गयी है. हालांकि, बड़ा संकट खड़ा होने के बावजूद सरकारी नीतियां विफल नजर आती हैं.''
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गांधी ने केरल में उनके संसदीय क्षेत्र वायनाड में कॉफी की खेती करने वाले किसानों का करीब दो मिनट लंबा वीडियो भी साझा किया, जिसमें उनके दिक्कतों में घिरे होने का दावा किया गया. गौरतलब है कि केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शनकारी किसान पिछले साल 26 नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं. वे इन तीनों कानूनों को रद्द करने और फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने के लिए एक नया कानून लाने की मांग कर रहे हैं.
इन विवादास्पद कानूनों पर बने गतिरोध को लेकर हुई किसानों और सरकार के बीच कई दौर की वार्ता बेनतीजा रही. किसान समूहों ने आरोप लगाया है कि ये कानून मंडी और एमएसपी खरीद प्रणाली को समाप्त कर देंगे और किसानों को बड़े व्यावसायिक घरानों की दया पर छोड़ देंगे. सरकार ने इन आशंकाओं को गलत बताते हुए खारिज कर दिया है.
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