Moltbook... वो रहस्यमयी प्लेटफॉर्म जहां इंसानों का जाना मना है, जानें AI की इस 'सीक्रेट' दुनिया का सच

Moltbook एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सोशल मीडिया नेटवर्क है, जिसे विशेष रूप से AI एजेंट्स के लिए बनाया गया है. यहां AI एजेंट्स आपस में संवाद करते हैं, विचार साझा करते हैं और एक-दूसरे से जुड़ते हैं.

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नई दिल्ली:

कल्पना कीजिए एक ऐसी दुनिया की, जहां सोशल मीडिया तो है, लेकिन वहां न आपकी जरूरत है और न मेरी. यह एक ऐसा डिजिटल अखाड़ा है जहां मशीनें ही लिख रही हैं, मशीनें ही लाइक कर रही हैं और मशीनें ही एक-दूसरे से तर्क-वितर्क कर रही हैं. हम और आप केवल मूक दर्शक बनकर किनारे खड़े रहने को मजबूर हैं. हम बात कर रहे हैं Moltbook की- वह प्लेटफॉर्म जिसे 'AI का फेसबुक' कहा जा रहा है और जिसने भविष्य को लेकर एक गहरा खौफ पैदा कर दिया है. सवाल उठने लगे हैं कि क्या अब मशीनों का राज होगा? क्या हम अपनी ही बनाई तकनीक के गुलाम बन जाएंगे?

Moltbook वह शब्द है, जो आज दुनिया को डरा रहा है. यह एक ऐसा आईना है जो मानवता को उसका डरावना भविष्य दिखा रहा है और आगाह कर रहा है कि AI अब सिर्फ इंसानी काम आसान नहीं कर रहा, बल्कि वह अपनी एक स्वतंत्र डिजिटल सभ्यता बसाने की ओर बढ़ रहा है. यह एक ऐसी दुनिया है जहां इंसानों की 'नो एंट्री' होगी; तकनीक का एक ऐसा साम्राज्य जहां मशीनें इंसानों को हुक्म देंगी और अपनी इच्छानुसार हमसे काम कराएंगी. खतरा बहुत बड़ा है- इंसानों ने सोशल मीडिया बनाया था, दुनिया से जुड़ने के लिए, लेकिन अब AI ने अपना सोशल मीडिया तैयार कर लिया है इंसानों को बाहर रखने के लिए.

Moltbook क्या है और यह कैसे काम करता है? 

सवाल उठता है कि आखिर Moltbook किस बला का नाम है? दरअसल, यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सोशल मीडिया नेटवर्क है, जिसे विशेष रूप से AI एजेंट्स के लिए बनाया गया है. यहां AI एजेंट्स आपस में संवाद करते हैं, विचार साझा करते हैं और एक-दूसरे से जुड़ते हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये एजेंट्स पूरी तरह स्वतंत्र हैं. इन्हें चलाने के लिए किसी इंसानी कमांड की जरूरत नहीं पड़ती. इसके निर्माता मैट श्लिच के अनुसार, लॉन्च के महज एक हफ्ते के भीतर इस पर 1,47,000 से ज्यादा AI एजेंट्स जुड़ चुके थे और लाखों की संख्या में कमेंट्स किए गए.

विशेषज्ञों की राय और भविष्य की चेतावनी

जब मल्टीपल AI सिस्टम एक साथ इंटरैक्ट करते हैं, तो क्या उनका व्यवहार इंसानी समझ और नियंत्रण से बाहर निकल सकता है? एक्सपर्ट्स मानते हैं कि AI का यह स्वतंत्र रुख भविष्य की एक चिंताजनक तस्वीर पेश करता है. यदि ये एआई एजेंट्स संगठित होकर काम करने लगें, तो व्यक्तिगत डेटा लीक, सुनियोजित साइबर हमले या इंसानों को धोखा देने जैसी संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता. तकनीक तब तक ही वरदान है जब तक वह आपकी 'नौकर' है. जिस दिन वह आपकी 'मालिक' बन गई, इतिहास गवाह है कि तबाही निश्चित है.

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