राहुल की सफाई, DMK-AAP पर अखिलेश के सवाल, ममता के साथ CPI(ML)... 'INDIA' की बैठक में क्या-कुछ हुआ?

दो साल बाद दिल्ली में फिर 'INDIA' ब्लॉक की बैठक हुई. इस बैठक में दो दर्जन विपक्षी पार्टियों ने हिस्सा लिया. बैठक में 5 बिंदुओं को लेकर सहमति बनी.

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'INDIA' ब्लॉक की बैठक में 23 पार्टियों के नेताओं ने हिस्सा लिया.
PTI
नई दिल्ली:

विपक्षी 'INDIA' गठबंधन एक बार फिर एकजुट हुआ है. दो साल बाद 'INDIA' ब्लॉक ने सोमवार को बैठक की, जिसमें 23 पार्टियां शामिल हुईं. यह बैठक ऐसे समय हुई, जब खुद 'INDIA' ब्लॉक में तनातनी चल रही है. आम आदमी पार्टी (AAP) और द्रमुक (DMK) तो शामिल ही नहीं हुई. CPI(M) भी कांग्रेस से नाराजगी के बीच इस बैठक में मौजूद रही. 

'INDIA' ब्लॉक की यह बैठक ऐसे समय हुई, जब महीनेभर पहले ही में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए हैं. बंगाल में ममता बनर्जी की हार के बाद ये बैठक बुलाई गई. 

इस बैठक में विपक्ष के बीच 5 बिंदुओं को लेकर सहमति बनी. इस बैठक में 'INDIA' ब्लॉक के नेताओं ने हर दो महीने में बैठक करने पर सहमति जताई. अगली बैठक हैदराबाद में करने पर सहमति बनी है.

ममता को मिला लेफ्ट का साथ

यह बैठक ममता बनर्जी के कहने पर ही बुलाई गई थी. बंगाल में हार के बाद ममता बनर्जी के लिए विपक्ष का साथ पहले से भी ज्यादा जरूरी हो गया है.

इस बैठक में ममता बनर्जी ने सोनिया गांधी को गले लगाया. सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी ने विपक्षी नेताओं को बंगाल आकर चुनाव के बाद हो रही कथित हिंसा की घटनाओं का जायजा लेने का अनुरोध किया. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी उनके सांसदों को तोड़ने की कोशिश कर रही है लेकिन वह कामयाब नहीं होगी.

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बैठक में दिलचस्प बात यह रही कि जिस लेफ्ट के खिलाफ ममता बनर्जी लड़ती रहीं, अब वही लेफ्ट इस संकट की घड़ी में उनके साथ आकर खड़ा है. CPI(M-L) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि संकट की इस घड़ी में 'INDIA' ब्लॉक ममता बनर्जी के साथ है. हालांकि, CPI महासचिव डी. राजा ने खुलकर ममता बनर्जी के साथ खड़े होने की बात नहीं कही. 

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अखिलेश ने AAP-DMK का मुद्दा उठाया

इस बैठक में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने AAP और DMK का मुद्दा उठाया. AAP ने रविवार को ही औपचारिक रूप से 'INDIA' ब्लॉक से अलग होने का ऐलान कर दिया. वहीं, DMK ने कांग्रेस पर पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाते हुए बैठक का बायकॉट कर दिया.

राहुल ने CPI(M) को दी सफाई

केरल चुनाव के दौरान राहुल गांधी के बयानों को लेकर कांग्रेस और CPI(M) में तनातनी चल रही है. CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने बैठक से पहले भी इसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखा था और सफाई मांगी थी.

दरअसल, चुनाव के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं की ओर से कथित तौर पर CPI(M) और पूर्व सीएम पिनराई विजयन पर बीजेपी से मिलीभगत पर आरोप लगाए थे. CPI(M) ने इस पर नाराजगी जताई थी. एक दिन पहले ही CPI(M) नेता हन्नान मोल्लाह ने राहुल गांधी पर हमला करते हुए कहा था कि अगर आप लीड करना चाहते हैं तो आपको सभी को साथ लेकर चलना होगा. 

बैठक में CPI(M) की ओर से राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास मौजूद थे. उन्होंने राहुल गांधी के बयानों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की ओर से पिनराई विजयन पर बीजेपी से सांठ-गांठ के आरोप लगाए जाने से CPI(M) के कार्यकर्ता काफी हैं. 

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सूत्रों ने बताया कि इस पर राहुल गांधी ने सफाई देते हुए कहा कि 'मेरा बयान राजनीतिक था. मेरा मकसद किसी व्यक्ति या विचारधारा पर हमला करना नहीं था.'

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किन 5 बातों पर बनी सहमति?

बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि बैठक में 5 बिंदुओं पर सहमति बनी हैंः- 

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1. SIR पर CJI को पत्र: विपक्षी नेताओं में सहमति बनी कि SIR और वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर के मुद्दे पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत को पत्र लिखा जाएगा.

2. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: लाखों छात्रों को प्रभावित करने वाले गंभीर मुद्दों को देखते हुए फैसला लिया गया कि शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए.

3. सर्वदलीय बैठक: बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि गंभीर आर्थिक स्थिति, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार को तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए.

4. हर दो महीने में बैठक: यह सहमति बनी कि 'INDIA' गठबंधन की सभी पार्टियां हर दो महीने में बैठक करेंगी. अगली बैठक अगस्त में हैदराबाद में की जाएगी.

5. समन्वय जारी रहेगा: मॉनसून सत्र के दौरान संसदीय समन्वय जारी रहेगा. हर दिन सुबह मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में एक समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी.

बैठक में आया कौन-कौन था?

दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई इस बैठक में 23 पार्टियों के नेता शामिल हुए. इसमें कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के तेजस्वी यादव और एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले समेत 23 पार्टियों के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया.

शिवसेना (यूबीटी) के उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस बैठक में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए जुड़े थे.

बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती, झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरफराज अहमद, CPI(M) के जॉन ब्रिटास, CPI महासचिव डी. राजा, CPI (M-L) L के दीपांकर भट्टाचार्य और कई अन्य दलों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया.

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