'नौटंकी', 'आतंकवाद जैसी हरकत...' नीट पेपर लीक आंदोलन पर क्या-क्या बोले NDA और भाजपा के नेता 

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अलग ही दावा किया है. उनका कहना है कि अभिजीत दीपके भविष्य में भीम आर्मी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे. इसके अलावा ओपी राजभर, हेमा मालिनी, कंगना रनौत जैसे नेताओं के भी बयान आए हैं.

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  • नीट पेपर लीक को लेकर चल रहे आंदोलन में विपक्षी सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च
  • महाराष्ट्र के भाजपा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने आंदोलन को नौटंकी और बनावटी करार दिया
  • भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अभिजीत दीपके के भविष्य में भीम आर्मी के टिकट पर चुनाव लड़ने का दावा किया है
नई दिल्ली:

दिल्ली में नीट पेपर लीक को लेकर आंदोलन चल रहा है. सोमवार को यह आंदोलन अपने चरम पर पहुंचा था, लेकिन अब भी यह जारी है. मंगलवार को तो विपक्षी दल भी इससे जुड़े और राहुल गांधी की लीडरशिप में तमाम विपक्षी सांसदों ने पीएम आवास तक मार्च किया. वहीं बड़ी संख्या में छात्र अब भी जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं. इस बीच सरकार की ओर से आंदोलनकारी छात्रों से लेकर विपक्ष के नेताओं तक से बातचीत की कोशिश की गई है. वहीं सत्ताधारी भाजपा और एनडीए गठबंधन के नेताओं के कुछ ऐसे बयान भी सामने आए हैं, जिनमें आंदोलन पर ही सवाल खड़ा किया गया. एक नेता ने तो इस आंदोलन को सरकार को बदनाम करने वाली नौटंकी करार दिया. 

महाराष्ट्र के मंत्री ने बताया नौटंकी

महाराष्ट्र की भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के सीनियर मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इस आंदोलन को 'नौटंकी' बताया है. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह से बनावटी है. उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान का बचाव करते हुए कहा कि मंत्री का इसमें कोई हाथ नहीं होता है. उन्होंने कहा, 'क्या कोई मंत्री पेपर लीक करता है? क्या चंद्रशेखर बावनकुले या फिर धर्मेंद्र प्रधान ने पेपर लीक किया है?' इसके आगे वह कहते हैं कि कॉकरोच आंदोलन एक नौटंकी है. उन्हें कोई सही मुद्दा नहीं मिला तो बनावटी मसले लेकर आ रहे हैं. 

निशिकांत दुबे का दावा- भीम आर्मी से चुनाव लड़ेंगे दीपके

इस बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अलग ही दावा किया है. उनका कहना है कि अभिजीत दीपके भविष्य में भीम आर्मी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे. दुबे ने कहा कि उनके पीछे नारे लगाने वाले लोगों में भीम आर्मी के ही लोग थे. उन्होंने कहा कि नेपाल भी ऐसा ही हुआ था. वहां जेन जी आंदोलन से जुड़े लोगों ने एक राजनीतिक दल जॉइन कर लिया था. 

'विदेशी फंडिंग से हिंदू, हिंदुत्व और सनातन को कर रहे बदनाम'

यूपी की हरचंदपुर सीट से विधायक राकेश सिंह ने तो इस आंदोलन को हिंदू, हिंदुत्व और सनातन से ही जोड़ दिया. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन विदेशी फंडिंग से चल रहा है. इसका मकसद यही है कि कैसे भी हिंदू, हिंदुत्व और सनातन को बदनाम किया जाए. उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि हमारे युवाओं को अलर्ट रहना चाहिए. जंतर-मंतर पर चलने वाला आंदोलन सिर्फ पेपर लीक पर नहीं है. इसका मकसद हिंदू, हिंदुओं और सनातन को टारगेट करना है. 

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हेमा मालिनी बोलीं- हिंसा की साजिश में विपक्ष

भाजपा की सांसद और पूर्व अभिनेत्री हेमा मालिनी ने भी आंदोलन पर सवाल उठाया और कहा कि यह विपक्ष की साजिश है. उनकी ओर से हिंसा और अव्यवस्था फैलाने की साजिश थी. हेमा मालिनी ने कहा, ‘अगर कोई समस्या है तो उस पर सही तरीके से चर्चा होनी चाहिए. इस तरह से प्रदर्शन करने से कुछ हासिल नहीं होगा. जहां तक देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था का सवाल है, हमारी मोदी सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी रही है और बहुत काम किया है. इसे देखते हुए आप लोग जो यह प्रदर्शन कर रहे हैं, उसका कोई मतलब नहीं बनता. इसे बातचीत से हल करना चाहिए.'

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राजभर बोले- बच्चों को गुमराह किया, डिंपल और केजरीवाल क्यों पहुंचे?

अपने बयानों के लिए चर्चित रहने वाले ओमप्रकाश राजभर ने भी इस पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में छात्रों को गुमराह किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान हिंसा और अव्यवस्था फैलाने के पीछे विपक्षी दलों की भूमिका रही. राजभर का कहना था कि जिन युवाओं के खिलाफ अब मुकदमे दर्ज हो रहे हैं, उनके भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रदर्शन पूरी तरह छात्रों का था, तो उसमें अरविंद केजरीवाल और डिंपल यादव जैसे नेताओं की मौजूदगी की आवश्यकता क्यों पड़ी.

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यह हुड़दंग और उत्पात है: कंगना रनौत

भाजपा की एक और सांसद कंगना रनौत ने भी आंदोलन पर सवाल किया है. उन्होंने कहा कि जिस तरह से संसद को घेरा गया, उससे अंदर सभी डर गए थे. एक्ट्रेस कंगना रनौत ने इसे हुड़दंग और उत्पाती हरकत बताया है. उन्होंने साफ-साफ शब्दों में इस तरह की घटना को सरकार का हाथ मरोड़ने वाला बताया है. रनौत ने कहा कि किसी को हटाने या सरकार से फैसले करवाने के लिए आंदोलन के जरिए दबाव बनाना उचित नहीं है. उनके मुताबिक, किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने की सही जगह संसद है. कंगना ने प्रदर्शन के तरीके पर भी सवाल उठाए.

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