- डायमंड हार्बर ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है
- जहांगीर खान और IPS अजय पाल शर्मा में विवाद के बीच बंगाल बीजेपी ने इलाके की तुलना ल्यारी से की थी
- टीएमसी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी बंगाल के प्रति नफरत और तिरस्कार की भावना से काम कर रही है
पश्चिम बंगाल में मतगणना की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, सियासी पारा तेजी से चढ़ता जा रहा है. एक दिन पहले ईवीएम की सुरक्षा को लेकर टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं में झड़प हुई थी, अब 'ल्यारी ऑफ बंगाल' को लेकर दोनों तरफ के नेता भिड़ गए हैं. बता दें कि ल्यारी पाकिस्तान के कराची का एक इलाका है, जिसे हालिया बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' में आपराधिक सिंडिकेट, गैंगवॉर और भारत विरोधी गतिविधियों के गढ़ के तौर पर दिखाया गया है.
अजय शर्मा Vs जहांगीर खान विवाद
दरअसल, डायमंड हार्बर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है. हाल ही में यहां का फाल्टा इलाका 'सिंघम' के नाम से चर्चित एनकाउंटर स्पेशलिस्ट आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के बीच विवाद को लेकर चर्चा में रहा था.
'वो सिंघम हैं तो मैं पुष्पा हूं'
यूपी कैडर के आईपीएस अजय पाल शर्मा सोमवार को टीएसी कैंडिडेट के घर पहुंचे थे और चेतावनी दी थी कि अगर वोटरों को डराया धमकाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. अगर किसी ने बदमाशी की तो कायदे से इलाज किया जाएगा. इसका वीडियो खूब वायरल हुआ था. इस पर टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने कहा था कि यह बंगाल है, अगर वो सिंघम हैं तो मैं पुष्पा हूं. उन्होंने पुलिस पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया था.
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बीजेपी ने की ल्यारी से तुलना
इसी विवाद के बीच बंगाल बीजेपी ने हाल ही एक पोस्ट करके डायमंड हार्बर की तुलना ल्यारी से की थी और आरोप लगाया था कि सुंदरबन और बांग्लादेश सीमा के करीब होने के कारण यहां घुसपैठ और आपराधिक गतिविधियां चरम पर हैं. बीजेपी ने मतदान के दिन भी यह आरोप लगाया था कि यहां के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के कई बूथों पर ईवीएम में बीजेपी के चुनाव चिह्न पर टेप चिपका दिया गया था.
'पहले बांग्लादेशी, फिर रोहिंग्या, अब ल्यारी'
टीएमसी ने सोशल मीडिया पर कहा कि पहले हमारी बंगाली मातृभाषा के कारण हमें 'बांग्लादेशी' कहा गया, फिर मछली खाने पर 'रोहिंग्या' बताया गया और अब बंगाल की तुलना सीधे पाकिस्तान से की जा रही है. टीएमसी ने इसे बंगाल के खिलाफ "सांस्कृतिक आक्रमण" करार देते हुए कहा कि जिस राज्य ने देश की आजादी के लिए सबसे ज्यादा खून बहाया, उसके प्रति ऐसी नफरत बर्दाश्त नहीं की जाएगी.













