- शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर विधानसभा सीट पर सीएम ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया
- ममता बनर्जी ने मतगणना केंद्र पर पहुंचकर चुनाव में गड़बड़ी और उनके साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था
- पश्चिम बंगाल के CEO ने ममता बनर्जी के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार किया है
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में 15,105 मतों के अंतर से हरा दिया था. शुभेंदु को 73,917, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले थे, उसी समय ममता बनर्जी चुनाव की गिनती में गड़बड़ी का आरोप लगाकर मतगणना केंद्र पर पहुंच गई थी. इस दौरान उन्होंने अपने साथ दुर्व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाया था. अब इसी आरोप पर चुनाव आयोग का रिएक्शन सामने आया है. पश्चिम बंगाल के CEO ने कहा कि ममता बनर्जी के आरोपों पर कोई जवाब नहीं दूंगा.
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था, "तीन बजे से वे हमें मार रहे हैं, उन्होंने मुझे लात मारी, CCTV बंद कर दिया, हमारे एक एजेंट को घुसने नहीं दिया. मैं 5 मिनट के लिए घुसी थी, मैंने अनुरोध किया था कि हमारे एजेंट को घुसने दें, उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि वे घुसने देंगे लेकिन फिर कोई उपलब्ध नहीं था. मैंने हर जगह शिकायत की."
टीएमसी अध्यक्ष ने कहा, "भाजपा दानवों की पार्टी है, 100 से ज़्यादा सीटें उन्होंने लूटीं और धोखा दिया. चुनाव आयोग भाजपा आयोग है, पूरी लूट हुई है, लेकिन हम वापसी करेंगे."
उन्होंने कहा कि मुझे भी अंदर जाने नहीं दिया गया. यह पक्षपाती है. आप CRPF को देख सकते हैं. उन्होंने मुझे धक्का दिया, मारा, CRPF के ठीक सामने. उन्होंने हर जगह गुंडे लगाए हैं. मैं उम्मीदवार हूं, फिर भी उन्होंने मुझे अंदर नहीं जाने दिया.
ममता बनर्जी ने कहा, "मैंने शिकायत की है, मनोज अग्रवाल को भी मैंने शिकायत की, मैंने पश्चिम बंगाल CEO, RO, DEO सबको शिकायत की, लेकिन वे कुछ नहीं कर रहे. उन्होंने मुझे अंदर नहीं आने दिया. मेरे पास ID कार्ड है, फिर भी वे मुझे अंदर नहीं जाने दे रहे. यह नैतिक जीत नहीं है, यह अनैतिक जीत है. चुनाव आयोग, सेंट्रल फोर्स, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने जो किया है वह पूरी तरह अवैध है. SIR से शुरू करके, EVM मशीन लूटकर इन्होंने यह सब जानबूझ कर किया है. लूट, लूट, लूट हुई है."
भवानीपुर में सातवें चरण की मतगणना के अंत तक मुख्यमंत्री 17,000 से अधिक मतों से आगे थीं, जिससे ऐसा लग रहा था कि उन्होंने निर्णायक बढ़त बना ली है. हालांकि, मतगणना के बाद के चरण में यह बढ़त धीरे-धीरे कम होती गई और शुवेंदु अधिकारी ने वापसी करते हुए अंतिम दौर में उन्हें पीछे छोड़ दिया.
मतगणना के 14वें चरण तक बनर्जी की बढ़त घटकर 4,000 मतों से भी कम रह गई थी, जिससे मुकाबला काफी तनावपूर्ण हो गया था. इसके बाद, भाजपा प्रत्याशी ने बढ़त हासिल कर ली और जीत हासिल की.
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