- सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि टीएमसी के डेथ, फेक, डबल, ट्रिपल एंट्री वाले 90% वोट SIR में डिलीट हो चुके हैं
- कहा टीएमसी ताकत का गलत इस्तेमाल करके सत्ता में है. चुनाव आयोग रोक रहा है, तो ममता को दिक्कत हो रही है
- सुवेंदु ने कहा कि ममता हिंदू धर्म को गंदा धर्म बोलती हैं. हिंदुओं पर अत्याचार करती हैं, इस बार उनका जाना तय है
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पूरे जोर पर है. मतदान में कुछ ही दिन बचे हैं. बंगाल बीजेपी के बड़े नेता सुवेंदु अधिकारी ने NDTV के सीईओ और एडिटर इन चीफ राहुल कंवल ने 'वॉक द टॉक' कार्यक्रम में कई मुद्दों पर खुलकर बात की. बीजेपी नेता ने दावा किया कि टीएमसी के डेथ, फेक, डबल, ट्रिपल एंट्री वाले 90 पर्सेंट वोट एसआईआर में डिलीट हो चुके हैं. जो भारतीय नागरिक नहीं है, उनके नाम हटाए गए हैं. इसमें हल्ला बोल करने की क्या जरूरत है.
चुनाव आयोग पर लग रहे आरोपों पर
बंगाल चुनाव के बीच बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले और चुनाव आयोग पर बीजेपी के लिए काम करने के आरोपों पर सुवेंदु ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में 4 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे 2 से 4 घंटे तक बंद थे. चुनाव बाद हिंसा में 57 लोगों को टीएमसी के गुंडों ने मार दिया था. ऐसी की तमाम दस्तावेजी घटनाओं से सबक लेते हुए चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए कदम उठा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकारी मशीनरी, पुलिस प्रशासन का गलत इस्तेमाल करके सत्ता में है. चुनाव आयोग इसे रोक रहा है, इसलिए ममता बनर्जी को दिक्कत हो रही है.
'177+ सीटों के साथ आएगी बीजेपी'
बंगाल विधानसभा में नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि इस बार बंगाल में ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ जबर्दस्त एंटी इन्कंबेंसी है. सरकार ने बीजेपी सरकार लाने के मन बना लिया है. ममता सरकार ने पिछले 5 साल में जिस तरह सनातनियों के ऊपर और आदिवासियों पर अत्याचार किया है, हमारी मां, बेटी, बहन के ऊपर अत्याचार किया है. उससे जनता आजिज आ गई है. इस बार जनता 49 पर्सेंट वोट और 177 प्लस सीटों के साथ बीजेपी को ला रही है. जनता इस बार ममता के साथ नहीं है.
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार चिंता की बात
बंगाल चुनाव में बांग्लादेशी नागरिकों और प्रवासियों के मुद्दों के मिसयूज के बांग्लादेश सरकार के आरोपों पर सुवेंदु ने कहा कि वैसे तो विदेश मामलों पर बोलने का अधिकार केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय का है, लेकिन बांग्लादेश में जिस तरह से हिंदुओं का उत्पीड़न हो रहा है, बंगाली संस्कृति खत्म करके कट्टरपंथी, जमात संस्कृति लाने का प्रयास हो रहा है, वह बेहद चिंता की बात है. ममता सरकार की वजह से बंगाल से सटी 600 किलोमीटर के इलाके में बाड़ नहीं लगाई जा सकी है, ये चिंता की बात है. हमारे गृह मंत्री अमित शाह ने वादा किया है कि बंगाल में सरकार बनने के 45 दिन के अंदर सुरक्षा बलों को फेंसिंग के लिए जमीन दे दी जाएगी.
सबका साथ, सबका विकास... मुस्लिमों को संदेश
बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है तो मुस्लिम समुदाय को क्या संदेश होगा, इस सवाल पर सुवेंदु ने कहा कि पीएम मोदी ने साफ कहा है कि सबका साथ, सबका विकास. हर भारतीय चाहे हिंदु हो या मुसलमान, चाहे बीजेपी का हो या टीएमसी का, सबके लिए बराबर काम होगा. प्रधानमंत्री ने खुद इसकी गारंटी दी है. बंगाल का गौरव वापस लाने की गारंटी दी है. 21 राज्यों में हमारी सरकार इसकी गवाह है. उन्होने कहा कि हमारी लड़ाई बांग्लादेशी घुसपैठिया, रोहिंग्याओं के खिलाफ है.
क्या सुवेंदु अधिकारी बनेंगे अगले सीएम?
बंगाल में बीजेपी अगर जीतती है तो क्या सुवेंदु अधिकारी अगले मुख्यमंत्री होंगे, इस पर उन्होंने कहा कि मैं इसमें इंट्रेस्टेड नहीं हूं. बीजेपी प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़ रही है, कलेक्टिव लीडरशिप काम कर रही है. पार्टी ने मुझे भवानीपुर में ममता को हराने की जिम्मेदारी दी है. मुझे जो निर्देश मिल रहे हैं, मैं पूरा कर रहा हूं. इससे ज्यादा मुझे दिलचस्पी नहीं है. किसी भी बंगाली को बना दें, मुझे कोई दिक्कत नहीं है.
भवानीपुर में नंदीग्राम से बड़ी जीत मिलेगी: सुवेंदु
सुवेंदु अधिकारी ने पिछली बार नंदीग्राम में कड़े मुकाबले में ममता बनर्जी को हराया था, लेकिन दक्षिण बंगाल खासकर कोलकाता भवानीपुर उनका गढ़ है. वो 56 हजार वोटों से यहां से जीती थीं. क्या आपने यहां चुनाव लड़कर पंगा ले लिया है? इस सवाल पर सुवेंदु ने दावा किया कि ममता लूट के वोटों से जीती थीं. इस बार देखना क्या होगा. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग लूट के वोटों को खत्म करने में जुटा हुआ है. हमें भरोसा है कि भवानीपुर में नंदीग्राम से भी बड़ी जीत हासिल होगी.
ममता से मोहभंग क्यों हुआ, सुवेंदु ने बताया
सुवेंदु अधिकारी कभी ममता बनर्जी के दाएं हाथ कहे जाते थे, ऐसा क्या हुआ कि रिश्तों में इतनी खटास आ गई? इस सवाल पर सुवेंदु ने कहा कि ममता के अंदर बहुत चेंज आ गया है. 2014 तक ममता में सिंपलीसिटी, ईमानदारी थी, लेकिन उसके बाद बहुत बदलाव आया. 2016 के बाद तो वह बहुत बदल गईं.
सुवेंदु ने ममता को बताया हिंदू विरोधी
सुवेंदु ने कहा कि बीजेपी आने के बाद ममता बनर्जी ने तुष्टिकरण की राजनीति शुरू कर दी. गुंडागर्दी, कट्टरपंथी मुस्लिमों को प्रोत्साहित करना, सनातन और हिंदुओं को टारगेट करना शुरू कर दिया. ममता बनर्जी इकलौती मुख्यमंत्री थीं, जिन्होंने राम मंदिर के खिलाफ जुलूस निकाला. प्रयागराज के महाकुंभ को असेंबली में उन्होंने मृत्यु-कुंभ करार दिया. वह हिंदू धर्म को गंदा धर्म बोलती हैं. मुस्लिमों से ज्यादा ममता बनर्जी हिंदुओं पर अत्याचार करती हैं. उनकी सरकार इस बार जाना तय है.
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