पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती शुरू होने में अभी 4 दिन बाकी हैं, लेकिन राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है. ईवीएम की सुरक्षा और बैलेट बॉक्स से छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं में झड़प हो गई. टीएमसी नेता शशि पांजा और कुणाल घोष एक स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर धरने पर बैठ गए. खुद सीएम ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंच गईं. इस बीच ममता ने वीडियो जारी करके 'हिसाब चुकता' करने की चेतावनी दे दी है.
टीएमसी की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी वीडियो में ममता बनर्जी ने लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की, साथ ही हिसाब बराबर करने की चेतावनी भी दे डाली. उन्होंने कहा, "हमारे लोगों के खिलाफ किए गए हर गलत काम, हर मर्यादा के उल्लंघन और बीजेपी व केंद्रीय बलों की हर दमनकारी नीति का जवाब दिया जाएगा." उन्होंने आगे कहा, "एक बार नतीजे आ जाएं, फिर हर उल्लंघन की भरपाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया की कठोर ताकत से की जाएगी."
ममता ने अपने कार्यकर्ताओं और बंगाल के 'मां-माटी-मानुष' को ऐतिहासिक चौथी पारी के लिए सत्ता में वापसी का भरोसा दिलाते हुए कहा कि बंगाल दिल्ली और गुजरात के 'बाहरी लोगों' के आगे नहीं झुकेगा. वो बंगाल की आत्मा को कभी नहीं समझ सकते.
ममता बनर्जी ने बीजेपी और चुनाव आयोग के बीच 'साठगांठ' का आरोप लगाते हुए कहा कि लोगों को डराने और धांधली के लिए केंद्रीय बलों का दुरुपयोग किया जा रहा है. उन्होंने बीजेपी के पक्ष में दिखाए जा रहे एग्जिट पोल्स को 'मनोवैज्ञानिक रणनीति' बताते हुए खारिज कर दिया.
ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने टीएमसी के काउंटिंग एजेंटों और कार्यकर्ताओं को हाई-अलर्ट पर रहने को कहा है. टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया कि कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रॉन्ग रूम में पार्टी प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में ही बैलेट बॉक्स खोले गए. पार्टी ने एक सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया है. माहौल गरमाने पर बीजेपी कार्यकर्ता भी पहुंच गए और बवाल हो गया.














