- बंगाल में पहले चरण के चुनाव से पहले दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बंगाल लौटने वालों की भारी भीड़ देखी जा रही है.
- कई यात्री बिना रिजर्वेशन के भी ट्रेन पकड़कर वोट डालने के लिए अपने गृह जिलों की ओर जा रहे हैं.
- मतदाता SIR लागू होने से पहले वोटर लिस्ट से नाम कटने के डर से मतदान के लिए घर लौट रहे हैं.
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान से ठीक पहले दिल्ली से बंगाल जाने वालों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मतदान के लिए आखिरी समय में ट्रेन पकड़ते यात्रियों में खासा उत्साह और बेचैनी दोनों नजर आ रही हैं. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर‑14 पर हावड़ा राजधानी की रवानगी में महज 15 मिनट बाकी थे. भारी भीड़ के बीच पीठ पर बैग लादे अमित मंडल किसी तरह ट्रेन में चढ़ पाए. ट्रेन के अंदर और बाहर यात्रियों की भारी मौजूदगी के चलते रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान पूरी मुस्तैदी से तैनात नजर आए.
अमित मंडल ने बताया कि उनका शुरू में वोट डालने के लिए जाने का इरादा नहीं था, लेकिन रात में भाई का फोन आया और कहा कि वोट डालने आना जरूरी है. उन्होंने कहा कि उनके पास रिजर्वेशन नहीं है, इसके बावजूद वे जा रहे हैं. अमित के मुताबिक, ट्रेन मतदान शुरू होने से करीब 16 घंटे पहले बंगाल पहुंच जाएगी.
SIR को लेकर क्या बोले अमित मंडल?
अमित मंडल का कहना है कि इस बार चुनाव इसलिए खास है क्योंकि SIR लागू होने से पहले उनका वोट कोई और ही डाल देता था. उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें इस बात का डर है कि अगर वोट नहीं डाला तो कहीं उनका नाम वोटर लिस्ट से ही न कट जाए. चुनावी मुकाबले को लेकर उन्होंने कहा कि बंगाल में असली लड़ाई ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच है. उनके अनुसार इस बार बीजेपी मजबूत नजर आ रही है, लेकिन मुकाबला कांटे का है. उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी को 15 साल से सत्ता मिली हुई है, इसलिए बदलाव की बात हो रही है, हालांकि ममता अभी भी कमजोर नहीं हैं.
अमित, बंगाल जा रहे मतदाता
'भ्रष्टाचार और घुसपैठ बड़ा मुद्दा'
प्लेटफॉर्म नंबर‑16 पर दिल्ली से सियालदह जाने वाली ट्रेन से रजत रवाना हो रहे थे. रजत ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार और घुसपैठ बड़ा मुद्दा है. उनके मुताबिक अगर बीजेपी जीतती है तो बड़े मार्जिन से जीत सकती है, नहीं तो पिछली बार जैसी स्थिति बनी रह सकती है. रजत का कहना है कि बीजेपी के पास मौका जरूर है, लेकिन वह ममता बनर्जी को कितना नुकसान पहुंचा पाएगी, यह देखना होगा.
रजत
वहीं, शमशुल का मानना है कि बीजेपी बंगाल में कभी नहीं जीतेगी. उन्होंने कहा कि दिल्ली में बीजेपी सरकार को देखकर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है. उनके मुताबिक राजधानी की स्थिति बिगड़ रही है और महंगाई लगातार बढ़ रही है, जबकि ममता बनर्जी कम से कम योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू कर रही हैं.
दरअसल, पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के चुनाव से पहले बड़ी संख्या में लोग दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों से कोलकाता व अपने‑अपने गृह जिलों की ओर लौट रहे हैं. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इन दिनों हर तरफ भारी भीड़, भरे हुए प्लेटफॉर्म और खचाखच ट्रेनों का नजारा देखने को मिल रहा है. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके. इसके बावजूद ट्रेनों में यात्रियों की संख्या लगातार बनी हुई है.
कई यात्रियों का कहना है कि उन्हें डर है कि अगर उन्होंने मतदान नहीं किया तो उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जा सकता है. इसी डर के चलते वे काम‑काज छोड़कर चुनाव से ठीक एक दिन पहले घर लौट रहे हैं. उनका कहना है कि वोट डालना उनका अधिकार ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है. कुल मिलाकर, चुनाव से पहले बंगाल लौट रहे लोगों की यह भीड़ बताती है कि मतदाताओं में न सिर्फ जागरूकता है, बल्कि अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की मजबूत इच्छा भी.
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