कोलकाता में 'स्ट्रॉन्ग रूम' वाले इलाकों में जमावड़ा पर बैन, TMC-BJP कार्यकर्ताओं की झड़प के बाद EC का बड़ा फैसला

पश्चिम बंगाल की चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक तकरार और तेज हो गई है. अलग-अलग दलों के नेताओं ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की सुरक्षा, वोटर वेरिफिकेशन के तरीकों और चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

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  • कोलकाता पुलिस ने विधानसभा चुनाव की वोट गिनती वाले 7 इलाकों में किसी भी प्रकार के जमावड़े पर प्रतिबंध लगाया है
  • पश्चिम बंगाल के सीईसी मनोज अग्रवाल ने तृणमूल कांग्रेस के मतगणना केंद्रों पर आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है
  • गुरुवार रात मतगणना केंद्र के बाहर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी
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कोलकाता:

कोलकाता पुलिस ने विधानसभा चुनाव के वोटों की गिनती होने वाले सात इलाकों में किसी भी तरह के जमावड़े पर प्रतिबंध लगा दिया है. तृणमूल कांग्रेस के मतगणना केंद्रों पर संदिग्ध गतिविधियों के आरोपों के बाद गुरुवार रात दो सेंटरों पर हंगामा हुआ था. हालांकि पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने टीएमसी के आरोपों को पहले ही खारिज कर दिया था.

पश्चिम बंगाल के सीईओ ने कहा कि मतगणना केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है और ‘स्ट्रॉन्ग रूम' की 24 घंटे सीसीटीवी के जरिए निगरानी की जा रही है.

पुलिस ने शहीद खुदीराम बोस रोड, जज कोर्ट रोड, जादवपुर, डायमंड हार्बर रोड, लॉर्ड सिन्हा हॉल, नरेश मित्रा सरानी (बेल्टला रोड) और प्रमथेश बरुआ सरानी जैसे इलाकों में निषेधाज्ञा लागू कर दी है.

गुरुवार रात, तृणमूल नेताओं के आरोपों के बाद कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में एक मतगणना केंद्र के बाहर भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी. तृणमूल के उम्मीदवार कुणाल घोष और शशि पांजा ने मतगणना केंद्र के गेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए, जिससे अफरातफरी मची. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शाखावत मेमोरियल मतगणना केंद्र के स्ट्रांग रूम के पास पहुंची थीं.

राज्य के शीर्ष चुनाव अधिकारी अग्रवाल ने तृणमूल के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "खुदीराम अनुशीलन केंद्र के स्ट्रांग रूम में उत्तर कोलकाता के सात विधानसभा क्षेत्रों की ईवीएम रखी गई हैं. बुधवार को मतदान समाप्त होने के बाद, संबंधित उम्मीदवारों/चुनाव एजेंटों और पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में सभी स्ट्रांग रूम को विधिवत बंद कर सील कर दिया गया था. आखिरी स्ट्रांग रूम गुरुवार सुबह 5.15 बजे बंद किया गया. खुदीराम अनुशीलन केंद्र में डाक मतपत्रों के लिए एक और स्ट्रांग रूम है. विभिन्न केंद्रों से आए डाक मतपत्रों को वहां रखा गया है. मतदान अधिकारी उनकी छंटाई कर रहे हैं."

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उन्होंने कहा कि उन्होंने रिटर्निंग अधिकारियों को संबंधित उम्मीदवारों और एजेंटों को इस प्रक्रिया के बारे में सूचित करने के लिए भी कहा था.

मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा, "रिटर्निंग अधिकारियों ने राजनीतिक दलों को ईमेल के माध्यम से सूचित कर दिया था. मतदान केंद्रों के गलियारों में शाम 4 बजे से डाक मतपत्रों को अलग करने का काम चल रहा था. सभी मतदान केंद्र सुरक्षित, संरक्षित और बंद हैं. तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों के प्रतिनिधियों को सब कुछ दिखाया जा चुका है."

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उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि स्ट्रांग रूम में बिजली कनेक्शन की अनुमति नहीं है, इसलिए कोलकाता की सात विधानसभा सीटों के लिए डाक मतपत्रों को अलग करने का काम टॉर्च की रोशनी में चल रहा था, जिसे सत्ताधारी तृणमूल नेताओं ने गलत तरीके से "संदिग्ध गतिविधियां" बताया.

शीर्ष चुनाव अधिकारी के बयान के बाद, तृणमूल नेताओं ने अपना विरोध प्रदर्शन खत्म किया और मतदान केंद्र से चले गए.

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