- देश में चक्रवात अर्नब का प्रभाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और बंगाल की खाड़ी में नया तूफान बन रहा है.
- अगले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है.
- पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और लगातार बारिश से ठंडक बढ़ी है, जिससे लोग गर्म कपड़े और कंबल उपयोग कर रहे हैं.
Kal Ka Mausam 31 october 2026: देश के मौसम में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. एक ओर चक्रवात 'अर्नब' का प्रभाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, तो दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में एक और तूफान तेजी से विकसित हो रहा है. IMD के मुताबिक देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है. पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और लगातार हो रही बारिश ने ठंड का अहसास बढ़ा दिया है. लोगों ने गर्म कपड़ों और कंबलों का सहारा लेना शुरू कर दिया है, जबकि पंखे और AC बंद होने लगे हैं. दिल्ली-NCR में भी रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे मौसम सुहावना होने के साथ-साथ ठंडक भी बढ़ गई है.
कल कहां होगी बारिश? जानें 31 अक्टूबर का मौसम
कल यानी 31 अक्टूबर को देश के पूर्वी, पहाड़ी और पश्चिमी इलाकों में छिटपुट से लेकर भारी बारिश का अनुमान है. पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बड़े हिस्से में कल मूसलाधार बारिश जारी रहेगी. इसके अलावा, बिहार, झारखंड और गंगा के मैदानी इलाकों में भी कल से बारिश का नया दौर शुरू होगा, जो 5 नवंबर तक चल सकता है. अरुणाचल प्रदेश के लिए कल भारी बारिश की विशेष चेतावनी जारी की गई है.
कल उत्तराखंड में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ आंधी-तूफान आने की आशंका जताई गई है. इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो सकता है. उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी कल आसमान में बादल छाए रहेंगे और छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है.
दिल्ली-एनसीआर का मिजाज
देश की राजधानी और आसपास के इलाकों में कल आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जिससे धूप की तपिश थोड़ी कम होगी. दिल्ली में अधिकतम तापमान 26-28°C और न्यूनतम तापमान 15-17°C के बीच रहने की उम्मीद है. सुबह के वक्त उत्तर-पश्चिम दिशा से ठंडी हवाएं चलेंगी.
चक्रवात अर्नब भले ही कमजोर पड़ गया हो, लेकिन उसके अवशेष इस समय उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक कम दबाव के क्षेत्र के रूप में सक्रिय हैं. इसकी वजह से मध्य भारत और पूर्वी भारत के आसमान पर बादलों का डेरा है. इसके साथ ही, दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है. आशंका है कि यह नया सिस्टम कल यानी 31 अक्टूबर तक एक गहरे डिप्रेशन में बदल जाएगा. इसके बाद यह सीधे आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की तरफ बढ़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में भारी तबाही और भारी से बहुत भारी बारिश होने का खतरा मंडरा रहा है.
ये भी पढ़ें : 1 नवंबर को कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक विपक्ष का मार्च, राहुल गांधी ने बताया पूरा रूट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं