WATCH: 'आयरन स्टिंग' मोर्टार बम का हमास के ख़िलाफ़ पहली बार इस्तेमाल किया इज़रायल ने

इज़रायली वायुसेना ने माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट X (अतीत में ट्विटर) पर वीडियो पोस्ट कर हिब्रू भाषा में लिखा, "मैगेलन यूनिट ने वायुसेना के सहयोग से अत्याधुनिक और सटीक मोर्टार बम 'स्टील स्टिंग' समेत कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल कर दर्जनों आतंकवादियों को तितर-बितर कर दिया..."

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'आयरन स्टिंग' में लेज़र तथा GPS गाइडेंस भी है, और इसके इस्तेमाल से आम जनता को नुकसान की आशंका कम होती है...
नई दिल्ली:

इज़रायली वायुसेना ने अपने हाई-टेक 'आयरन स्टिंग' सिस्टम का फुटेज रविवार को जारी किया, क्योंकि यह सिस्टम पहली बार इस्तेमाल में लाया गया. इज़रायली रक्षा सेना (IDF) की मैगलन इकाई ने इस अत्याधुनिक हथियार प्रणाली का इस्तेमाल ग़ाज़ा पट्टी इलाके में हमास के रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाने और दर्जनों आतंकवादियों को तितर-बितर करने के लिए इस्तेमाल किया.

इज़रायली वायुसेना ने माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट X (अतीत में ट्विटर) पर वीडियो पोस्ट कर हिब्रू भाषा में लिखा, "मैगेलन यूनिट ने वायुसेना के सहयोग से अत्याधुनिक और सटीक मोर्टार बम 'स्टील स्टिंग' समेत कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल कर दर्जनों आतंकवादियों को तितर-बितर कर दिया... 'स्टील स्टिंगर' के इस्तेमाल से रॉकेट लॉन्चर पर किए गए एक हमले का वीडियो देखें..."

वीडियो में 120 मिलीमीटर के मोर्टार को दुश्मन के रॉकेट लॉन्चर को तबाह करते हुए देखा जा सकता है.

वीडियो यहां देखें...

'आयरन स्टिंग' 120 मिलीमीटर का युद्ध मोर्टार है, जिसमें लेज़र तथा जीपीएस गाइडेंस भी फिट है, और इसकी रेंज 1 से 12 किलोमीटर तक है. इसे एल्बिट सिस्टम्स ने विकसित किया था, और इसे पहली बार वर्ष 2021 में इज़रायली रक्षा मंत्रालय, IDF की ग्राउंड फोर्सेज़ और एल्बिट ने ही पेश किया था.

'येरूशलम पोस्ट' के मुताबिक, मोर्टार को खुले इलाकों और बसे हुए शहरी इलाकों - दोनों में इस्तेमाल के योग्य बनाया गया है, और इसकी सटीक टारगेटिंग की बदौलत आम जनता को नुकसान की आशंकाएं कम हो जाती हैं.

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'स्टील स्टिंग' सिस्टम विकसित करने वाले एल्बिट सिस्टम्स ने वर्ष 2021 में एक समाचार विज्ञप्ति में कहा था, "इसके इस्तेमाल से ज़मीनी जंग में क्रांति आ जाएगी और बटालियनों को जैविक, सटीक और प्रभावी मारक क्षमता हासिल होगी..."

मैगलन के फॉरमेशन कमांडर मेजर जनरल ओमर कोहेन का कहना है, "लड़ाकों की सटीकता, घातकता और विशेषज्ञता की बदौलत मैगलन यूनिट ने वायुसेना के सहयोग से दर्जनों आतंकवादियों को विभिन्न हथियारों के ज़रिये नाकाम कर दिया, जिनमें से IED आयरन स्टिंग भी शामिल है..."

उन्होंने बताया कि जंग की शुरुआत के बाद से मैगलन यूनिट ने अब तक ग़ाज़ा के भीतर 100 से अधिक लड़ाकों को मार गिराया है.

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मेजर जनरल ओमर कोहेन के मुताबिक, "जंग की शुरुआत से ही दुश्मन के नृशंस हमले के ख़िलाफ़ कमांडो ब्रिगेड जमकर लड़ी, और ग़ाज़ा पट्टी में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया है... मैगलन, एगोज़ और डुवदेवन यूनिट किसी भी जगह, किसी भी दुश्मन तक पहुंच सकती हैं, और उन्हें खत्म कर सकती हैं... हम साथ मिलकर जीतेंगे... मुझे अपने सैनिकों पर पूरा भरोसा है..."

इस बीच सोमवार तड़के इज़रायल ने ग़ाज़ा पर हवाई हमले किए, जबकि रात में विमानों ने दक्षिणी लेबनान पर हमला किया था... उधर, इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बढ़ते युद्ध का आकलन करने के लिए अपने शीर्ष जनरलों और अपने युद्ध मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई.

ग़ाज़ा में मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इज़रायल की दो हफ़्ते से जारी बमबारी में अब तक कम से कम 4,600 लोग मारे गए हैं. इज़रायल ने हमास द्वारा 7 अक्टूबर को किए गए हमलों के बाद जवाबी हमले की कार्रवाई शुरू की थी.

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