केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आज लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया. इसको लेकर दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस देखने को मिल रही है. इस बिल पर पक्ष और विपक्ष के नेता आमने-सामने हैं. संसद में दोनों तरफ से तथ्य के साथ तंज के बाण भी छोड़े जा रहे हैं. सदन में भाषण के दौरान अखिलेश यादव के बीजेपी अध्यक्ष के चुनाव को लेकर एक व्यंग पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पलटवार किया.
अखिलेश यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के अंदर ये मुकाबला चल रहा है कि खराब हिंदू कौन बड़ा है. उन्होंने कहा कि जो पार्टी ये कहती हो कि वो दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है, वो अब तक अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं चुन पाई हैं. ये भारतीय जनता पार्टी क्या है.
सपा अध्यक्ष के इस तंज पर अमित शाह खड़े हुए और पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष में जो भी पार्टी बैठी है, वहां परिवार में से ही किसी को अध्यक्ष चुनना होता है. जबकि हमारे यहां 12-13 करोड़ सदस्य हैं, चुनाव की प्रक्रिया होती है, इसीलिए देर लगती है.
अमित शाह ने अखिलेश यादव को जवाब देते हुए कहा कि आपके यहां चुनाव नहीं होता इसीलिए देर नहीं लगती. मैं कह देता हूं कि आप अगले 25 साल तक अपनी पार्टी के अध्यक्ष हो, और कोई नहीं बन सकता. इस पर अखिलेश यादव ने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़ लिए.
साथ ही वक्फ बिल पर चर्चा में अखिलेश यादव ने कहा कि यहां मुसलमानों की बातें नहीं सुनी जा रही हैं. ये देश तो मिली-जुली संस्कृति से ही चला है. वक्फ बिल आखिरकार उम्मीद कैसे है, हमें तो ये ही समझ नहीं आ रहा है.
वक्फ बिल में दो महिलाओं को मेंबर बनाने पर अखिलेश ने तंज कहा कि बिहार चुनाव में देखूंगा कि बीजेपी वहां कितनी महिलाओं को टिकट देती है.
उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में बेरोजगारी और महंगाई जैसे बड़े मुद्दे हैं, तो ऐसे बिल की क्या जरूरत है. डिंपल ने इसे जनता के साथ धोखा करार दिया और कहा कि सरकार को असल समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए.
वक्फ बिल को लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस
गौरतलब है कि वक्फ बिल को लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने विचार रखे हैं. जहां सत्तापक्ष इसे गरीबों और मुस्लिम समुदाय के हित में बता रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने और सत्ताधारी दल के फायदे का हथियार करार दिया है.