पांटून पुल सूना... बचा रेत ही रेत, महाकुंभ खत्म होने के बाद ऐसा है संगम क्षेत्र का नजारा, देखिए तस्वीरें

संगम तट पर कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पांटून पुल (पीपा पुल) बनाए गए थे. उस समय यहां पर इतनी भीड़ होती थी कि पैर रखने की जगह नहीं होती थी. लेकिन अब यहां सन्नाटा पसरा हुआ है.

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संगम अब सूना-सूना...
प्रयागराज:

संगम अब सूना-सूना... महाकुंभ में श्रद्धालुओं का रेला था, तबूओं की कतार थी, संतों का जमावड़ा था, धर्म की बात थी.. अब वो सब गायब सा हो गया है. कुंभ मेले के समापन के बाद संगम तट पर एक अजीब सी शांति छा गई है. कल तक जो स्थान रौनक से भरा था, अब वही स्थान सूना-सूना और शांत हो गया है. साधु-संतों के शिविर जहां पहले भीड़भाड़ वाले थे, वहां अब सन्नाटा पसर गया है. मेले के दौरान लगाई गई दुकानें भी अब हटा दी गई हैं.

संगम तट पर कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पांटून पुल (पीपा पुल) बनाए गए थे. उस समय यहां पर इतनी भीड़ होती थी कि पैर रखने की जगह नहीं होती थी. लेकिन अब यहां सन्नाटा पसरा हुआ है. पुल के नीचे पानी का स्तर भी कम हो गया है और रेत ही रेत नजर आ रही है. यह दृश्य पहले के भीड़भाड़ वाले दृश्य से बिल्कुल अलग है. तस्वीरें में पीपा पुल के नीचे सिर्फ रेत-रेत ही नजर आ रहा है.

विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला

विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला महाकुम्भ 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी को समाप्त हो गया. 45 दिन के महाकुंभ में 66.30 करोड़ श्रद्धालुओं ने स्नान किया. मेला खत्म होने से लोगों के चेहरे पर मायूसी है. सफाई कर्मियों के चेहरे पर बोनस की खुशी है तो दुकानदार दुकानदारी कम होने से मायूस हैं. 

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यह तो एक याद बनकर दिलों में बस गया

प्रयागराज महाकुंभ 45 दिनों तक आस्था, श्रद्धा और संस्कृति का केंद्र बना रहा. यहां करोड़ों श्रद्धालुओं ने पुण्य स्नान किया, संतों-महात्माओं के प्रवचन सुने और दिव्य वातावरण का आनंद लिया. अब जब महाकुंभ का समापन हो गया है, तो यह एक याद बनकर दिलों में बस गया है. महाकुंभ के दौरान जो घाट भक्तों से भरे रहते थे, वे अब सूने हो चुके हैं. श्रद्धालु अपने-अपने गंतव्य की ओर लौट चुके हैं, लेकिन संगम की लहरों में अभी भी आरती की गूंज महसूस होती है. महाकुंभ में बिताए पल, संतों की वाणी और आध्यात्मिक अनुभूतियां श्रद्धालुओं के हृदय में सजीव बनी रहेंगी.

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66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में किया स्नान 

प्रयागराज में महाकुंभ-2025 का महाशिवरात्रि पर अंतिम दिन रहा. 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ में देश-विदेश, राजनीति जगत से लेकर खेल, बॉलीवुड जगत की तमाम बड़ी हस्तियों ने पवित्र त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई. 45 दिनों तक चले प्रयागराज महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त किया.

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