- वियतनाम नाव हादसे में जान गंवाने वाले भारतीयों की कहानी अब सामने आ रही है.
- एक मोबाइल कंपनी की ओर से आयोजित इस टूर पर गए 15 भारतीयों की मौत हो गई थी.
- अब इन सभी के शव को वापस भारत लाने की तैयारी चल रही है.
Vietnam Boat Accident: एक मोबाइल कंपनी द्वारा आयोजित वियतनाम ट्रिप पर गए 15 भारतीयों की नाव हादसे में मौत हो गई. ये सभी दक्षिण भारतीय राज्यों के रहने वाले थे. हनोई में भारतीय दूतावास के अनुसार वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास नाव पलटने से तमिलनाडु के दस और आंध्र प्रदेश व केरल के क्रमशः तीन और दो लोगों की मौत हो गई. दक्षिणी राज्यों की सरकारों ने कहा कि वे शव को जल्द से जल्द अपने-अपने राज्यों में लाने और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही हैं.
सुबह वीडियो कॉल पर देखा था पोती का चेहरा
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली निवासी शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद भी मृतकों में शामिल हैं. मजीद के एक रिश्तेदार ने बताया, 'उन्होंने सुबह अपनी नन्हीं सी पोती का चेहरा वीडियो कॉल पर देखा और पत्नी व बेटे से बात की. किसी को नहीं पता था कि यह परिवार से उनकी आखिरी बातचीत होगी.' अब्दुल्ला एक मोबाइल फोन कंपनी के चैनल पार्टनर थे. कंपनी ने अपने बिजनेस सहयोगियों के लिए यह विदेश यात्रा प्रायोजित की थी.
लौट कर बात करूंगा... द्वीप पर जाने से पहले परिवार को बोले थे मजीद
अब्दुल्ला के रिश्तेदार ने कहा, 'वह सामान्यतः यात्रा पर नहीं जाते थे. पहले उन्होंने अपने बेटे को भेजने का विचार किया था, लेकिन अंततः स्वयं चले गए. वह 9 जुलाई को वियतनाम गए थे और 13 जुलाई को लौटने वाले थे.' शनिवार सुबह उन्होंने बेटे से कारोबार के संबंध में बात की और पत्नी को बताया कि वे एक ऐसे द्वीप पर जा रहे हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं होगा. उन्होंने कहा था कि वापस आने के बाद फोन करेंगे.
चचेरे भाई ने बताया आखिरी बातचीत की कहानी
उन्होंने अपनी नवजात पोती को वीडियो कॉल पर देखा. वही उनके परिवार से आखिरी संवाद साबित हुआ. अब्दुल्ला के चचेरे भाई मोहम्मद इस्माइल ने को बताया कि हमें यह खबर सीधे नहीं मिली. हमें वहां मौजूद लोगों (जो तमिलनाडु से वियतनाम गए थे) ने इसकी जानकारी दी. वे लावा मोबाइल कंपनी के खर्चे पर यात्रा पर गए थे.
इस बीच कंपनी लावा मोबाइल ने एक बयान जारी किया और घटना पर शोक व्यक्त किया. कंपनी ने कहा कि हमें अत्यंत दुख के साथ पुष्टि करनी पड़ रही है कि फु क्वोक द्वीप के पास नाव दुर्घटना में हमारे 14 चैनल पार्टनर और लावा टीम के एक सदस्य की मौत हो गई है.
हादसे में बचे निर्मल बोले- कुछ ही सेंकड में पलट गई स्पीड बोट
दुर्घटना में बचे निर्मल कुमार (पालनी, तमिलनाडु) ने बताया कि स्पीडबोट कुछ ही सेकंड में पलट गई. इसके पीछे ऊंची लहरें और संभवतः नाव में अधिक लोगों का होना कारण हो सकता है. आंध्र प्रदेश के अशीष कुमार ने बताया कि सभी लोग लावा मोबाइल के विक्रेता, वितरक और कर्मचारी थे. वे नौ जुलाई को वियतनाम पहुंचे थे और रविवार सुबह भारत लौटने वाले थे.
उन्होंने कहा कि तीन नावों में पर्यटकों को अलग-अलग समूहों में ले जाया जा रहा था. दुर्घटनाग्रस्त नाव ‘होन मे रुट नगोई' द्वीप से दूसरे द्वीप की ओर निकली थी और केवल 300–400 मीटर ही आगे बढ़ी थी कि अचानक पलट गई.
उनके अनुसार, घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 1:30 बजे हुई. सभी लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे. बचाव दल जल्द ही पहुंच गया और घायलों तथा शवों को किनारे लाया, हालांकि उनका दावा है कि मौके पर तुरंत चिकित्सा दल उपलब्ध नहीं था.
भारतीय दूतावास ने जारी की मृतकों लिस्ट
वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों की पहचान भी जारी कर दी है. बताते चले कि फू क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है, जो अपने सफेद रेतीले समुद्र तटों, कोरल रीफ और द्वीप पर्यटन के लिए प्रसिद्ध है.
नेताओं ने जताया दुख, शव लाने की प्रक्रिया जारी
प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की. तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल की सरकारों ने कहा कि वे केंद्र सरकार के साथ मिलकर मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत लाने और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए कार्य कर रही हैं.
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