BJP MLA Firing Video: राम नवमी के पावन अवसर पर जहां देशभर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहता है, वहीं ओडिशा के टिटिलागढ़ में निकाले गए जुलूस से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई. जुलूस के दौरान बीजेपी विधायक द्वारा कथित तौर पर हवाई फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. भीड़ के बीच अचानक हुई इस घटना से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए.
टिटिलागढ़ में जुलूस के दौरान फायरिंग का आरोप
टिटिलागढ़ में राम नवमी की शोभा यात्रा के दौरान विधायक नबीन कुमार जैन पर हवाई फायरिंग करने का आरोप लगा है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक विधायक जुलूस में शामिल थे, तभी उन्होंने ब्लैंक फायर किया. गोली की आवाज सुनते ही जुलूस में शामिल लोगों में डर का माहौल बन गया और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई.
घटना में भले ही कोई घायल न हुआ हो, लेकिन सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में इस तरह की हरकत को बेहद लापरवाह माना जा रहा है. भीड़ के बीच फायरिंग जैसी घटना सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानी जाती है. इसी वजह से प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं.
प्रोटोकॉल और कानून व्यवस्था पर सवाल
यह मामला इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि त्योहारों के दौरान हथियारों के इस्तेमाल पर पहले से सख्त दिशा-निर्देश होते हैं. ऐसे में एक जनप्रतिनिधि द्वारा नियमों की अनदेखी करना, पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है. लोग पूछ रहे हैं कि जब आम नागरिकों के लिए नियम सख्त हैं, तो जनप्रतिनिधियों के लिए अलग रवैया क्यों?
पुलिस ने दर्ज किया केस
फायरिंग मामले पर NDTV से खास बातचीत में बोलनगीर SP अभिलाष ने कहा कि कल रामनवमी रैली में जो ओपन ब्लैंक फायरिंग हुई, वह हमारी जांच के दायरे में आ गई है. इस फायरिंग का एक वीडियो अब वायरल हो रहा है. सेक्शन 25(9) के तहत हम केस दर्ज करेंगे और एक्शन लेंगे. और हम हथियार भी ज़ब्त कर लेंगे. MLA के पास लाइसेंसी पिस्टल है. लेकिन मैं जल्द से जल्द एक्शन लूंगा.
भुवनेश्वर समेत कई इलाकों में अव्यवस्था
राजधानी भुवनेश्वर में भी राम नवमी के जश्न के दौरान भारी भीड़, बाइक रैलियां और जुलूस देखने को मिले. कई जगहों पर तेज रफ्तार बाइक चलाना, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और शोर-शराबे की शिकायतें सामने आईं. उत्साह के बीच अनुशासन की कमी साफ नजर आई.
त्योहार से पहले प्रशासन ने साफ निर्देश दिए थे कि किसी भी हाल में शांति व्यवस्था न बिगड़े और नियमों का पालन किया जाए. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए थे. इसके बावजूद, कई जगहों पर भीड़ पर नियंत्रण मुश्किल साबित हुआ और हालात बिगड़ते नजर आए.














