- उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का दसवां बजट वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की ओर से विधानसभा में पेश
- पाकिस्तान के एक सांसद ने एक साल पुराने वीडियो में यूपी की आर्थिक स्थिति की तुलना पाकिस्तान से की
- वीडियो में सांसद ने यूपी का बजट और टैक्स रेवेन्यू पाकिस्तान की संघीय सरकार से बेहतर बताया था
उत्तर प्रदेश में आज योगी सरकार का 10वां बजट पेश होगा. 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना प्रदेश के लोगों को कई सौगातें दे सकते हैं. इस बीच सोशल मीडिया पर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के एक सांसद का पुराना वीडियो वायरल हो रहा है. एक साल पुराने इस वीडियो में पाक सांसद ने वहां की संसद में योगी आदित्यनाथ के सरकार की प्रशंसा करते दिखे.वीडियो में उन्होंने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में भाषण देते हुए उत्तर प्रदेश के बजट और टैक्स आय की तुलना पाकिस्तान की फेडरल सरकार के आंकड़ों से कर दी और कहा कि यूपी की आर्थित स्थिति पूरे पाकिस्तान से बेहतर है.
वीडियो पिछले साल जुलाई के आसपास का है. पाकिस्तान की असेंबली में वहां की पार्टी के सांसद ने अपने भाषण में कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का सिर्फ एक राज्य है और वह बजट-टैक्स इकट्ठा करने के मामले में पूरे पाकिस्तान से आगे निकल गया है. वीडियो में उन्होंने सीएम योगी की खूब प्रशंसा करते भी दिखे.भारत में सोशल मीडिया यूजर्स ने इस वीडियो क्लिप को खूब शेयर किया और कहा कि यह मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की आर्थिक नीतियों की सार्वजनिक प्रशंसा है.
यूपी का बजट पाकिस्तान से कितना ज्यादा?
आज योगी सरकार लगभग 9 लाख करोड़ का बजट पेश करेंगे. वायरल वीडियो में पाकिस्तान के सांसद ने तब कहा कि पाकिस्तान का कुल बजट 62 बिलियन (अरब) डॉलर है,जबकि उत्तर प्रदेश का बजट 97 बिलियन डॉलर है. उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान का कुल टैक्स रेवेन्यू 50 बिलियन डॉलर है,जबकि उत्तर प्रदेश का टैक्स रेवेन्यू 80 बिलियन डॉलर है.सांसद यह भी जोड़ते हैं कि पाकिस्तान का टैक्स रेवेन्यू,उत्तर प्रदेश से 16 बिलियन डॉलर कम है. सनद रहे कि ये आंकड़े 2025 जुलाई के हैं और इसमें बदलाव संभव है.
“योगी मॉडल” पर ऑनलाइन बहस छिड़ी
इन बयानों को भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया गया था. भारत में कई लोगों ने इसे “योगी मॉडल” की एक दुर्लभ तारीफ के रूप में देखा. वहीं पाकिस्तान में यह वीडियो राजनीतिक बहस का कारण बन गया था. कुछ नेताओं ने अपनी ही सरकार की वित्तीय नीतियों,बजट प्रबंधन और विकास योजनाओं पर सवाल उठाया था.














