भांजे के प्यार में पागल 3 बच्चों की मां ने अपने पति का कत्ल कर बगीचे में गाड़ दिया

पुलिस ने जांच शुरू की तो उन्हें शिवबीर के घर से 500 मीटर दूर रहने वाले भांजे अमित और लक्ष्मी के प्रेम संबंधों के बारे में पता चला. पुलिस ने लक्ष्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गई.

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  • 50 साल के शिवबीर सिंह मूल रूप से बांदा के रहने वाले थे और गुजरात में नौकरी करते थे.
  • अमित और उसकी मामी लक्ष्मी के बीच अवैध संबंध बन गए थे, पति ने रोका तो मार दिया.
  • शव को जल्दी गलाने के लिए उन्होंने उस पर 12 किलो नमक भी डाला था.
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कानपुर में एक महिला ने अपने प्रेमी भांजे के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी. इतना ही नहीं, शव को घर के पीछे बगीचे में दफनाकर उस पर 12 किलो नमक डाल दिया, ताकि वह जल्दी गल जाए. यह खौफनाक वारदात 10 महीने पहले हुई थी और अब गुमशुदगी की शिकायत दर्ज होने के बाद इसका खुलासा हुआ है. पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी और उसके भांजे को गिरफ्तार कर लिया है.

भांजे के चक्कर में कैसे आई

50 साल के शिवबीर सिंह मूल रूप से बांदा के रहने वाले थे और गुजरात में नौकरी करते थे. 20 साल पहले उन्होंने वाराणसी की लक्ष्मी से लव मैरिज की थी. उनके तीन बच्चे हैं. छह साल पहले शिवबीर पत्नी और बच्चों के साथ अपने गांव सचेंडी के लालूपुर आ गए. गांव में मकान न होने के कारण उनके भांजे अमित ने उन्हें अपने घर के सामने जगह दी, जहां शिवबीर परिवार के साथ झोपड़ी बनाकर रहने लगे. इसी दौरान अमित और उसकी मामी लक्ष्मी के बीच अवैध संबंध बन गए. जब ग्रामीणों से शिवबीर को अपनी पत्नी और भांजे के संबंधों का पता चला, तो वह शराब पीकर लक्ष्मी के साथ मारपीट करने लगा. लक्ष्मी ने पति को रास्ते से हटाने के लिए भांजे अमित के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई.

कैसे की पति की हत्या

1 नवंबर 2024 की रात लक्ष्मी ने पूरे परिवार को चाय में नशीली गोलियां मिलाकर पिला दी. जब सभी बेसुध हो गए तो लक्ष्मी ने अमित को बुलाया. अमित ने शिवबीर के सिर पर साबड़ से वार कर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद दोनों ने शव को घर से लगभग 500 मीटर दूर हरिपाल और देवपाल के बगीचे में दफना दिया. शव को जल्दी गलाने के लिए उन्होंने उस पर 12 किलो नमक भी डाला था.

परिवार को कैसे पता नहीं चला

सुबह जब बच्चे सोकर उठे और उन्होंने पिता के बारे में पूछा, तो लक्ष्मी ने बताया कि उन्हें नौकरी के लिए फोन आया था और वह देर रात गुजरात के लिए निकल गए. शिवबीर का बड़ा बेटा आनंद नौकरी के लिए राजस्थान चला गया था. वह अपनी मां लक्ष्मी से कई बार पिता के बारे में पूछता रहा, लेकिन लक्ष्मी हर बार टालमटोल करती रही. रक्षाबंधन पर जब आनंद घर आया और उसने पिता को साथ लाने की बात कही, तो लक्ष्मी ने कहा कि दो महीने से उसकी शिवबीर से बात नहीं हुई है.

कैसे खुला कत्ल का राज

आनंद ने अपनी बुआ कांति को पूरी बात बताई, जिससे परिवार को अनहोनी की आशंका हुई. शिवबीर की बहन कांति ने 19 अगस्त को सचेंडी थाने में अपनी मां के साथ जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने जांच शुरू की तो उन्हें शिवबीर के घर से 500 मीटर दूर रहने वाले भांजे अमित और लक्ष्मी के प्रेम संबंधों के बारे में पता चला. पुलिस ने लक्ष्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वह टूट गई और उसने पति की हत्या की बात कबूल कर ली. इसके बाद अमित को भी गिरफ्तार कर लिया गया.

पुलिस ने बताई पूरी कहानी

हत्यारोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 10 महीने बाद बगीचे में खुदाई शुरू की. वहां से शिवबीर के कंकाल के कुछ अवशेष, एक बनियान और गले का लॉकेट मिला. परिजनों ने लॉकेट से शव की पहचान की. एसीपी पनकी शिखर ने बताया कि थाना सचेंडी क्षेत्र के ग्राम लालोपुर निवासी सावित्री देवी ने 19 अगस्त 2025 को अपने पुत्र शिवबीर सिंह (उम्र लगभग 46 वर्ष) के लापता होने की सूचना दी थी, जिस पर गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की गई. जांच में मोबाइल सीडीआर की रिपोर्ट प्रेषित की गई. 06.09.2025 को आवेदिका द्वारा दी गई तहरीर में पुत्र के अपहरण का आरोप बहू और नाती पर लगाया गया. पूछताछ में दोनों ने अवैध संबंध स्वीकारते हुए शिवबीर सिंह की हत्या कर शव को बगीचे में दफनाने की बात कबूल की. प्रकरण में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर साक्ष्य संकलन की कार्रवाई की जा रही है. 

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