रियल एस्टेट सेक्टर में डिमांड और ग्रोथ बढ़ाने के लिए ज़रूरी है कि 01 फरवरी को लोक सभा में पेश होने वाले बजट में "हाउसिंग फॉर ऑल" के लक्ष्य को हासिल करने, देश में रेंटल हाउसिंग (Rental Housing) को बढ़ावा देने और होम लोन पर ब्याज कटौती की सीमा 2-लाख से बढाकर 5-लाख करने से जुड़े प्रस्ताव शामिल किये जायें. एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट कॉउन्सिल (NAREDCO) के चेयरमैन और जाने-माने रियल एस्टेट डेवलपर निरंजन हीरानंदानी ने गुरुवार को ये बात कही.
NAREDCO चेयरमैन ने इस साल के बजट पर एनडीटीवी के साथ बातचीत में कहा कि हाउसिंग फॉर ऑल का मकसद अभी पूरा नहीं हुआ है. रोटी, कपड़ा और मकान को अगर देखा जाए तो हमने रोटी और कपड़ा के लिए काफी कुछ किया है, लेकिन देश के हर नागरिक को मकान मुहैया कराने के लिए अभी काफी कुछ करना बाकी है. ज्यादा से ज्यादा भारतीय नागरिकों को अपना घर, अपना छत मिले इस पर वित्त मंत्री को इस साल के बजट में विशेष प्रावधान शामिल करने पर विचार करना चाहिए. हमारे पास पैसे हैं, जमीन और पॉलिसी भी है, सिर्फ पॉलिसी को थोड़ा ट्वीक करने की जरूरत है.
निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि अमेरिका जैसे विकसित देश में करीब 50% लोग रेंटल हाउसिंग (Rental Housing) में रहते हैं, जबकि भारत में इस बारे में गंभीरता से अभी तक नहीं सोचा गया है.निरंजन हीरानंदानी के मुताबिक अगर घर का मालिकाना हक ना मिले तो रेंटल हाउसिंग की सुविधा सभी को मिले, यह प्राथमिकता होनी चाहिए. हमने रेंटल हाउसिंग (Rental Housing) पर कभी फोकस नहीं किया. रेंटल हाउसिंग (Rental Housing) को 5 साल के लिए टैक्स फ्री किया जाए तो देश में रेंटल हाउसिंग (Rental Housing) व्यवस्था का विस्तार होगा. अभी हमारे पास कोई इंसेंटिव नहीं है.साथ ही, नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट कॉउन्सिल (NAREDCO) ने वित्त मंत्री से मांग की है कि इस साल के बजट में होम लोन इंटरेस्ट पर स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ाना ज़रूरी होगा.
NAREDCO के प्रेजिडेंट प्रवीण जैन ने एनडीटीवी से कहा कि 12 साल से होम लोन पर ब्याज कटौती की सीमा ₹2 लाख रुपए रुपए पर अटकी हुई है. इसे बढ़ाकर कम से कम 5 लाख किया जाना चाहिए. EMI unaffordable हो गया है, इसीलिए हाउसिंग अफॉर्डेबल नहीं हो पा रहा है".प्रवीण जैन के मुताबिक, रियल एस्टेट सेक्टर भारत की आर्थिक वृद्धि, रोजगार पैदा करने और शहरों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हाउसिंग फाइनेंस में टैक्स रेशनलाइजेशन सीधे तौर पर end-user डिमांड को प्रोत्साहित करेगा, आवास की कमी से जूझ रहे रियल एस्टेट सेक्टर को आवश्यक प्रोत्साहन प्रदान करेगा, और प्रोजेक्ट डिले से जूझ रहे homebuyers को राहत प्रदान करेगा.देश के अलग-अलग कोर्ट में लाखों टैक्स विवाद के मामले बरसों से अटके हुए हैं. इन्हें जल्दी सुलझाने के लिए NAREDCO ne Tax Settlement Commission को फिर से बहाल करने का सुझाव भी दिया है.
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