भारत और अमेरिका के बीच 18 से 31 मार्च तक होगा त्रि-सेवा अभ्यास 'टाइगर ट्रायम्फ 24'

हार्बर चरण के पूरा होने पर भाग लेने वाले सैन्‍यकर्मी जहाजों के साथ ‘टाइगर ट्रायम्फ 24’ सैन्‍य अभ्यास के समुद्री चरण के लिए रवाना होंगे और बनाई गई स्थितियों के अनुसार समुद्री, उभयचर तथा एचएडीआर अभियानों के कामों को करेंगे.

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सैन्‍य अभ्‍यास में अमेरिकी मरीन कोर और अमेरिकी थल सेना के सैनिक शामिल होंगे.
नई दिल्ली:

भारत और अमेरिकी बलों के बीच 18 से 31 मार्च तक द्विपक्षीय त्रि-सेवा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सैन्‍य अभ्यास ‘टाइगर ट्रायम्फ 24' का आयोजन पूर्वी समुद्र तट पर किया जा रहा है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि ‘टाइगर ट्रायम्फ 24' सैन्‍य अभ्‍यास का ‘हार्बर चरण' पूरा होने पर भाग लेने वाले सैन्‍यकर्मी जहाज समुद्री चरण के लिए रवाना होंगे.

रक्षा मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में बताया, ''भारत और अमेरिका के बीच स्थापित भागीदारी के अनुरूप, एक द्विपक्षीय त्रि-सेवा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सैन्‍य अभ्यास ‘टाइगर ट्रायम्फ 24' 18 से 31 मार्च तक पूर्वी समुद्र तट पर निर्धारित है.''

अधिकारियों ने बताया कि सैन्‍य अभ्‍यास का उद्देश्य एचएडीआर अभियानों के संचालन के लिए अंत:पारस्‍परिकता विकसित करना और दोनों देशों की सेनाओं के बीच तेजी से और सुचारू समन्वय को सक्षम करने के लिए मानक परिचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) में सुधार लाना है.

मंत्रालय ने बताया कि भारतीय नौसेना अभिन्न हेलीकॉप्टर और लैंडिंग क्राफ्ट के साथ जहाज, भारतीय नौसेना के विमान, भारतीय थलसेना के जवान और वाहन त‍था भारतीय वायुसेना के विमान और हेलीकॉप्टर के साथ-साथ रैपिड एक्शन मेडिकल टीम (आरएएमटी) इस सैन्‍य अभ्यास में भाग लेंगे.

अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका का प्रतिनिधित्व अमेरिकी नौसेना के जहाजों द्वारा किया जाएगा, जिसमें अमेरिकी मरीन कोर और अमेरिकी थल सेना के सैनिक शामिल होंगे.

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अधिकारियों के मुताबिक, ‘हार्बर चरण' 18 से 25 मार्च तक निर्धारित है. दोनों देशों की नौसेनाओं के कर्मी प्रशिक्षण दौरों, विषय वस्तु विशेषज्ञ आदान-प्रदान, खेल आयोजनों और समाज के आम लोगों से बातचीत में भाग लेंगे.

हार्बर चरण के पूरा होने पर भाग लेने वाले सैन्‍यकर्मी जहाजों के साथ ‘टाइगर ट्रायम्फ 24' सैन्‍य अभ्यास के समुद्री चरण के लिए रवाना होंगे और बनाई गई स्थितियों के अनुसार समुद्री, उभयचर तथा एचएडीआर अभियानों के कामों को करेंगे.

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