बंगाल में चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले पर घमासान, EC के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची TMC

इससे पहले भी ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर बंगाल को निशाना बनाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि जिस तरह से लगातार अधिकारियों को हटाया जा रहा है, वह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
बंगाल में चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले के मुद्दे पर TMC चुनाव आयोग के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गई है.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बंगाल चुनाव के पहले प्रशासनिक तबादलों को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग का कड़ा विरोध किया है.
  • मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, पुलिस आयुक्त समेत कई वरिष्ठ IAS-IPS अधिकारियों को हटाने पर विवाद है.
  • तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी ने चुनाव आयोग के तबादलों को कोर्ट में चुनौती दी है, और रोक लगाने की मांग की है.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
कलकत्ता:

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य में प्रशासनिक स्तर पर बड़े पैमाने पर किए जा रहे तबादलों को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है. चुनाव आयोग द्वारा मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, पुलिस आयुक्त, डीआईजी सहित कई वरिष्ठ IAS-IPS अधिकारियों और जिला स्तर के अधिकारियों को हटाए जाने के फैसले पर तृणमूल कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है. इस मुद्दे पर अब मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही इन तबादलों पर आपत्ति जताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा था और कहा था कि इस तरह के व्यापक बदलाव से प्रशासनिक ढांचा प्रभावित हो सकता है. 

TMC सांसद कल्याण बनर्जी पहुंचे हाईकोर्ट

उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का यह कदम एकतरफा है और इससे राज्य की शासन व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. अब तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले को अदालत में चुनौती दी है. हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि चुनाव आयोग का मुख्य काम चुनाव कराना है, लेकिन आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को दूसरे राज्यों में स्थानांतरित करने जैसा निर्णय लेना उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है. 

चुनाव आयोग के तबादले पर रोक लगे

याचिका में यह भी कहा गया है कि इस तरह के आदेश से प्रशासनिक कामकाज बाधित हो सकता है और यह संवैधानिक मर्यादा का उल्लंघन है. कल्याण बनर्जी ने अदालत से मांग की है कि चुनाव आयोग के तबादले के फैसले पर रोक लगाई जाए. उन्होंने मुख्य न्यायाधीश का ध्यान आकर्षित करते हुए मामले की सुनवाई की अनुमति मांगी, जिसे डिवीजन बेंच ने स्वीकार कर लिया है. अदालत ने मामले की जल्द सुनवाई की अर्जी भी मंजूर कर ली है और जानकारी के अनुसार सोमवार को इस पर सुनवाई हो सकती है.

इससे पहले भी ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर बंगाल को निशाना बनाने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि जिस तरह से लगातार अधिकारियों को हटाया जा रहा है, वह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है. इसके बावजूद चुनाव आयोग ने और कई अधिकारियों का तबादला कर दिया और कुछ को दूसरे राज्यों में भी भेज दिया.

Advertisement

ममता ने चुनाव आयुक्त को लिखा था पत्र

मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त को लिखे अपने दूसरे पत्र में कहा कि प्रशासन के शीर्ष स्तर पर जिस तरह सामूहिक तबादले किए जा रहे हैं, वह न केवल एकतरफा है बल्कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रहार है. उन्होंने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली संवैधानिक शिष्टाचार की सीमाओं को पार कर रही है और उसके फैसलों में पक्षपात की झलक दिखाई दे रही है.

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से अपील की है कि वह जनहित के खिलाफ और उद्देश्यपूर्ण तरीके से उठाए जा रहे ऐसे कदमों से बचे तथा लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करे.

यह भी पढ़ें - बंगाल में 13 IAS अधिकारियों का तबादला, कुछ बने DEO तो कुछ को चुनाव पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी; देखें लिस्ट

यह भी पढ़ें - TMC ने संसद में दिया ECE ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का नोटिस, जानें- लगाए क्‍या-क्‍या आरोप

Advertisement
Featured Video Of The Day
Iran Israel War | Strait Of Hormuz | होर्मुज में कुछ बड़ा होने वाला है? किस फिराक में हैं Trump? War