चुनाव आयोग की बैठक में गरमाया माहौल, TMC ने CEC पर महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया

चुनाव आयोग की फुल बेंच बैठक में टीएमसी और आयोग के बीच तीखी नोकझोंक हुई. टीएमसी ने आरोप लगाया कि CEC ने उनके प्रतिनिधियों को “शाउट न करने” को कहा और सुप्रीम कोर्ट पर तंज किया.

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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
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  • TMC ने चुनाव आयोग की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त के व्यवहार को अनुचित और चिल्लाने से मना करने वाला बताया
  • TMC ने अनियमितताओं और महिला मतदाताओं की संख्या कम होने का मुद्दा उठाते हुए फुल बेंच में बोलने का स्लॉट मांगा
  • TMC ने मतदान से जुड़े नाम हटाए जाने पर सवाल उठाए और एक चरण में चुनाव कराने की मांग की
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चुनाव आयोग (ECI) की फुल बेंच बैठक के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) और आयोग के बीच तनातनी देखने को मिली. बैठक के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का व्यवहार अनुचित था और उन्हें “चिल्लाने से मना” किया गया. चुनाव आयोग के सूत्रों ने प्रतिक्रिया में कहा कि एक TMC मंत्री ऊंची आवाज में बोल रही थीं, जिसके बाद CEC ने आवाज नीची रखने और अपनी मांगें/सुझाव लिखित में देने को कहा.

TMC का आरोप, CEC ने तंज कसा

TMC की चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा, “CEC नाराज हो गए, बोले हम चिल्ला रहे थे. उन्होंने तंज किया कि हम सुप्रीम कोर्ट गए हैं. मुझे कहा कि ‘शाउट मत करो'. ज्ञानेश कुमार को महिलाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं.” उन्होंने आगे कहा, “CEC का व्यवहार बहुत खराब था. उन्होंने मुझे ‘शाउट मत करो' कहा. किसी महिला से इस तरह कैसे कहा जा सकता है और उंगली उठाई जा सकती है? हम मीटिंग से संतुष्ट नहीं हैं.”

TMC के मुताबिक, उन्हें फुल बेंच में बोलने का आख़िरी स्लॉट दिया गया. पार्टी ने कहा कि उन्होंने पहले भी CEC से कई बार मुलाकात की, लेकिन उठाई गई आशंकाओं पर कार्रवाई नहीं हुई. TMC ने फॉर्म‑7 में अनियमितताओं और SIR (Special/Statutory/Statewide Inspection/Revision—इनपुट के मुताबिक SIR) के बाद महिला मतदाताओं की संख्या कम होने का मुद्दा उठाया.

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कांग्रेस का सवाल: “लाखों नाम डिलीट, क्या ये मतदाता वोट कर पाएंगे?”

पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रदीप भट्टाचार्य ने बैठक के बाद कहा कि “बड़े सवाल” में से एक यह है कि जो मामले विचाराधीन (under adjudication) हैं, क्या वे लोग वोट कर पाएंगे या नहीं. उनके मुताबिक, मालदा से 8 लाख और मुर्शिदाबाद से 11 लाख वोटरों के नाम डिलीट किए गए हैं. कांग्रेस ने एक चरण में चुनाव कराने की मांग रखी.

CPIM का रुख: “SIR पूरी हुए बिना चुनाव नहीं होने देंगे”

CPIM के मोहम्मद सलीम ने फुल बेंच के साथ ऑल पार्टी मीटिंग के बाद कहा, “ECI ने मासूम जनता के खिलाफ युद्ध क्यों छेड़ा है? जब तक SIR पूरा नहीं होगा, हम चुनाव नहीं होने देंगे. ” उन्होंने कहा कि “60 लाख लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी” BJP के इशारे पर की गई है.

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BJP का मेमो, TMC सांसद पर FIR

BJP डेलिगेशन की ओर से शिशिर बाजोरिया ने बताया कि आयोग को चुनाव पर 16 बिंदुओं का मेमोरेंडम सौंपा गया है.
BJP ने मांग की.

  • TMC सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा CEC को “उंगली काटने” की कथित धमकी पर FIR होचुनाव एक चरण या अधिकतम दो चरण में हों
  • ऑब्जर्वर को पहले से तैनात किया जाए ताकि वे जूरिस्डिक्शन समझ लें और गुमराह न हों
  • पोलिंग बूथ के अंदर सिर्फ CAPF (केंद्रीय बल) हों, राज्य पुलिस अंदर न रहे
  • कॉन्ट्रैक्चुअल स्टाफ का पोलिंग ड्यूटी में उपयोग न हो
  • SIR पूरा होने के बाद ही बंगाल में चुनाव कराए जाएं

BJP ने CEC के खिलाफ काले झंडे प्रदर्शन की निंदा की और कहा, “अगर राज्य राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल की गारंटी नहीं दे सकता, तो और क्या उम्मीद की जा सकती है.”

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ECI के सूत्रों की सफाई

TMC के आरोपों पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि बैठक के दौरान एक TMC मंत्री ऊंची आवाज में बोल रही थीं, जिसके बाद CEC ने “वॉइस टोन डाउन” करने और मांग/सुझाव लिखित में देने को कहा. दूसरे आरोप पर है कि CEC ने सुप्रीम कोर्ट को लेकर कोई टिप्पणी की.ECI सूत्रों के अनुसार ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की गई. आयोग ने केवल इतना कहा कि मामला वर्तमान में sub judice है.

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