पहले कोरोना, अब युद्ध और ऊर्जा संकट.. नहीं सुधरे हालात तो दशकों की उपलब्धि मिट जाएगी- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री की ये चेतावनी नीदरलैंड में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय के एक कार्यक्रम के दौरान आई. पीएम मोदी ने नीदरलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय की उनकी सांस्कृतिक जड़ों को संरक्षित रखने और डच समाज में योगदान देने के लिए प्रशंसा की.

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नीदरलैंड में पीएम मोदी प्रवासी भारतीयों से खुलकर बात की.
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  • पीएम मोदी ने मध्य पूर्व में युद्ध और वैश्विक अस्थिरता को दशकों की प्रगति को उलटने वाला खतरा बताया
  • भारत और नीदरलैंड के बीच भरोसेमंद और पारदर्शी वैश्विक सप्लाई चेन बनाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया
  • भारत की आर्थिक प्रगति, स्टार्टअप विकास और दोनों देशों के बीच खेल सहयोग पर भी प्रधानमंत्री मोदी ने प्रकाश डाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को चेतावनी दी कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध और दुनिया में अस्थिरता दशकों के विकास को उलट सकती है और बड़ी आबादी को फिर से गरीबी में धकेल सकती हैं. उन्होंने भरोसेमंद ग्लोबल सप्लाई सिस्टम की आवश्यकता पर जोर दिया. नीदरलैंड्स की अपनी यात्रा के दौरान हेग में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया कोविड-19 महामारी के बाद के प्रभावों, चल रहे युद्धों और ऊर्जा संकट से एक बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है.

पीएम मोदी की चेतावनी

प्रधानमंत्री ने कहा, “पहले कोरोना आया, फिर युद्ध छिड़ गए और अब ऊर्जा संकट है. यह दशक दुनिया के लिए संकटों का दशक बनता जा रहा है. अगर यह स्थिति जल्द नहीं बदली, तो बीते दशकों की उपलब्धियां मिट सकती हैं. दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा फिर से गरीबी के जाल में फंस सकता है.” प्रधानमंत्री ने सुरक्षित और पारदर्शी सप्लाई चेन के निर्माण में भारत और नीदरलैंड के बीच बढ़ते सहयोग पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, “आज की वैश्विक परिस्थितियों में, दुनिया लचीली सप्लाई चेन की बात कर रही है, और भारत और नीदरलैंड एक विश्वसनीय और पारदर्शी सप्लाई चेन बनाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं.”

'मैं पूरी तरह भूल ही गया था...'

प्रधानमंत्री की ये चेतावनी नीदरलैंड में बसे भारतीय प्रवासी समुदाय के एक कार्यक्रम के दौरान आई. पीएम मोदी ने नीदरलैंड में रहने वाले भारतीय समुदाय की उनकी सांस्कृतिक जड़ों को संरक्षित रखने और डच समाज में योगदान देने के लिए प्रशंसा की. उन्होंने कहा, “इतना प्यार और उत्साह... सच कहूं तो, कुछ समय के लिए तो मैं पूरी तरह भूल ही गया था कि मैं नीदरलैंड में हूं.ऐसा लग रहा है जैसे भारत में कहीं कोई त्योहार चल रहा हो.” उन्होंने विदेशों में बसे भारतीयों की कहानियों को अनगिनत संघर्षों के बीच प्रगति की कहानियां बताया और भारतीय भाषाओं और परंपराओं को पीढ़ियों से संरक्षित रखने के लिए प्रवासी भारतीयों की प्रशंसा की.

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पीएम मोदी ने पिछले एक दशक में भारत के राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तन पर भी प्रकाश डाला और 2014 के लोकसभा चुनाव परिणामों को याद किया. उन्होंने कहा, “आज 16 मई है और यह दिन एक और कारण से भी बहुत खास है. आज से बारह साल पहले, 16 मई 2014 को, कुछ खास हुआ था. चुनाव परिणामों ने भारत में एक स्थिर बहुमत वाली सरकार की वापसी का संकेत दिया था. करोड़ों भारतीयों का विश्वास मुझे रुकने या थकने नहीं देता." 

भारत की तरक्की पर की बात

भारत की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरा है और इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी का केंद्र बनता जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और नीदरलैंड के बीच खेल संबंधों पर भी प्रकाश डाला और दोनों देशों के एक-दूसरे के खेल इकोसिस्टम में योगदान का उल्लेख किया. पीएम मोदी ने कहा, “भारत में आयोजित टी20 क्रिकेट विश्व कप में नीदरलैंड ने अच्छा प्रदर्शन किया. जिस तरह भारतीयों ने डच क्रिकेट में योगदान दिया है, उसी तरह नीदरलैंड ने भी भारतीय हॉकी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.” उन्होंने विशेष रूप से भारतीय महिला हॉकी टीम के पूर्व कोच स्जोर्ड मारिजने का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय महिला हॉकी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

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