दिल्ली-NCR में गर्मी के मौसम में घने कोहरे का नजारा दिखा, 40 साल में मई में सबसे कम तापमान

दिल्ली में मई माह में न्यूनतम तापमान पिछले 40 साल में सबसे कम 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, 2 मई, 1982 को 15.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था

विज्ञापन
Read Time: 16 mins
दिल्ली के आश्रम इलाके में गुरुवार की सुबह का घने कोहरे का दृश्य.
नई दिल्ली:

गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर इलाके में सुबह कोहरे की मोटी चादर हर तरफ दिखाई दी. आम तौर पर इस समय मई महीने में गर्मी तेजी से बढ़ती है लेकिन 4 मई को दिल्ली में तापमान पिछले 40 साल में सबसे कम 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. यह 4 मई को अब तक के रिकॉर्ड न्यूनतम तापमान 15.1 डिग्री सेल्सियस से थोड़ा ही अधिक था.

दिल्ली-एनसीआर इलाके में गुरुवार को सुबह लोग जब अपने घरों से बाहर निकले तो हर तरफ फैले कोहरे ने उन्हें चौंका दिया. आम तौर पर कोहरा दिसंबर-जनवरी में सर्दी के सीजन में दिखता है, लेकिन मई महीने में किसी को इसकी उम्मीद नहीं थी.

मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ नरेश कुमार कहते हैं, इस साल वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के ज्यादा सक्रिय होने से मौसम में परिवर्तन दिख रहा है. डॉ नरेश कुमार ने एनडीटीवी से कहा, "कोहरे के पीछे सबसे बड़ी वजह हवा में नमी और आर्द्रता (humidity) होती है. पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की वजह से हवा में नमी काफी ज्यादा है. दूसरी वजह है तापमान में गिरावट आना...15 से 16 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने पर कोहरा हो जाता है."

Advertisement

मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में 4 मई को न्यूनतम तापमान औसत से 9 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर 15.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया जो पिछले 40 साल में सबसे कम है. इससे पहले 2 मई, 1969 को 15.1 डिग्री सेल्सियस और 2 मई, 1982 को 15.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था.

मौसम का यह ट्रेंड कुछ दिन और जारी रह सकता है. आम तौर पर मई साल का सबसे गर्म महीना होता है. लेकिन इस साल वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से देश के अधिकतर हिस्सों में तापमान औसत से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस कम है. अभी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ईरान के ऊपर है. जब यह उत्तर-पश्चिम भारत के इलाकों में पहुंचेगा तो वहां 6 से 7 मई को बारिश का पूर्वानुमान है और तापमान औसत से नीचे बना रहेगा.

Advertisement

डॉ नरेश कुमार कहते हैं, "मई साल का सबसे गर्म सीजन होता है लेकिन इस साल मौसम कुछ असामान्य है...अलग है. इस साल फरवरी में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस कम आए लेकिन  मार्च-अप्रैल और मई में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से आंधी तूफान (Thunderstorm) की एक्टिविटी होने से सिर्फ पश्चिमी भारत और एनसीआर ही नहीं,  पूरे देश में तापमान औसत से नीचे चल रहा है. अधिकतर हिस्सों में तापमान औसतन 3 से 6 डिग्री सेल्सियस नीचे है. ऐसा नहीं लग रहा कि अगले एक हफ्ते में  हीट वेव की कोई स्थिति बनने वाली है. अगले 7 से 10 दिन लोगों के लिए गर्मी से सुकून के हालात बने रह सकते हैं."

मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिन नॉर्थ-ईस्ट के कुछ हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है. तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में भी 6.5 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है, जबकि उत्तर पश्चिम भारत में 6 और 7 मई को लाइट तो मॉडरेट बारिश का पूर्वानुमान है. जाहिर है, मौसम में हो रहे बदलाव का ये ट्रेंड अभी लम्बे समय तक दिख सकता है.

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | Iran Israel War: जंग के बीच ईरान ने पकड़ लिया अमेरिका का पायलट? | Donald Trump
Topics mentioned in this article