- अजित पवार का बुधवार को एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया था
- अजित पवार के प्लेन का ब्लैक बॉक्स मिल गया है, अब हादसे की असली वजह सामने आएगी
- इस प्लेन क्रैश में अजित पवार समेत इसमें सवार सभी 5 लोग मारे गए थे
महाराष्ट्र के डेप्युटी सीएम अजित पवार के क्रैश विमान का ब्लैक बॉक्स मिल गया है. बॉक्स के मिलने के बाद ये पता चल पाएगा कि क्या विमान में कोई खराबी थी. अंतिम समय में पायलट ने कोई आपात संदेश भेजा था. लैंडिंग के वक्त आखिर हुआ क्या था? एजेंसियां अब ब्लैक बॉक्स की जांच करेंगे.
ब्लैक बॉक्स मिलने से क्या पता चलेगा?
ब्लैक बॉक्स में विमान की सभी गतिविधियां स्टोर होती है. पायलट की बातचीत से लेकर एटीसी को भेजे गए संदेश. अगर विमान में कोई खराबी आई या फिर कुछ गड़बड़ी आई तो उसका भी डेटा ब्लैक बॉक्स में स्टोर हो जाता है. अब इसके मिलने के बाद अजित पवार के विमान हादसे की असली वजह सामने आ पाएगी.
DGCA ने भी शुरू की हादसे की जांच
एयरक्रॉफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने इस विमान हादसे की जांच शुरू भी कर दी है. अधिकारियों ने कहा था कि फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर यानी ब्लैक बॉक्स से कई सारी अहम जानकारी मिल पाएगी. दूसरी तरफ, डीजीसीए और फॉरेंसिक टीम के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचकर विमान हादसे की जांच कर रही है.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि उसने बारामती के पास हुए दुर्भाग्यपूर्ण विमान हादसे के तुरंत बाद सभी जरूरी राहत और जांच से जुड़ी प्रक्रियाएं शुरू कर दी गईं हैं. मंत्रालय ने कहा कि इस घटना की पूरी, पारदर्शी और समयबद्ध जांच करना सर्वोच्च प्राथमिकता है. 28 जनवरी को एएआईबी दिल्ली से तीन अधिकारियों की एक टीम और डीजीसीए के मुंबई क्षेत्रीय कार्यालय से तीन अधिकारियों की दूसरी टीम दुर्घटनास्थल पर पहुंच चुकी है. मंत्रालय ने बताया कि एएआईबी के महानिदेशक भी उसी दिन मौके पर पहुंचे हैं. मंत्रालय ने बताया कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और दुर्घटनाग्रस्त विमान का ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया है. नागर विमानन मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि तय समय सीमा के भीतर, सभी निर्धारित मानक प्रक्रियाओं और नियमों का पालन करते हुए जांच पूरी की जाएगी. यह जांच एएआईबी नियम, 2025 के नियम 5 और 11 के तहत शुरू की गई है.
प्लेन क्रैश में अजित पवार का निधन
गौरतलब है कि अजित पवार की बुधवार को एक विमान हादसे में निधन हो गया था. अजित बारामती में कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे थे. विमान के लैंडिंग के वक्त ही हादसा हो गया. हादसे में विमान में सवार सभी 5 लोग मारे गए. अजित पवार महाराष्ट्र के डेप्युटी सीएम थे. अजित पवार सबसे ज्यादा वक्त तक राज्य के डेप्युटी सीएम रहे थे.
अजित पवार की सियासी पारी
1991 में अजित पवार बारामती सीट से लोकसभा के लिए चुने गए थे. हालांकि, इसी साल उन्होंने चाचा शरद पवार के लिए लोकसभा की ये सीट छोड़ दी थी. इसके बाद 1991 में ही अजित बारामती सीट से विधायक चुने गए. इसके बाद 2024 तक लगातार 8 बार वो इस सीट से विधायक रहे. 2009 में अजित पवार पहली बार डेप्युटी सीएम बने थे और उन्हें वित्त मंत्रालय का भी प्रभार मिला था. 2012 में सिंचाई घोटाला में नाम आने के बाद उन्होंने पद छोड़ दिया था. हालांकि, बाद में वो फिर इस पद पर आसीन हुए. नवंबर 2019 में अजित पवार ने देवेंद्र फडणवीस के साथ गठजोड़ किया और डेप्युटी सीएम पद की शपथ ली. हालांकि, वो केवल 80 घंटे तक ही इस पर बने रह पाए. दिसंबर 2019 में वो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार में डेप्युटी सीएम बने. जुलाई 2023 वो चाचा शरद पवार की पार्टी से अलग होकर अपनी पार्टी एनसीपी (अजित) बनाई. इसके बाद उन्होंने शिवसेना (शिंदे), बीजेपी के साथ गठबंधन किया. नवंबर 2024 में राज्य में हुए चुनाव में उनकी एनसीपी ने जीत दर्ज की और महायुति सरकार में वे डेप्युटी सीएम बने. 2025 में उन्होंने 11वीं बार राज्य का बजट पेश किया था.













