नाइजीरियाई ड्रग कार्टेल का भंडाफोड़, तेलंगाना में 3 करोड़ से ज्यादा की हवाला मनी जब्त, 50 गिरफ्तार

ईगल फोर्स द्वारा की गई आगे की जांच में उत्तम सिंह, चेतन ममानिया और अन्य प्रमुख ऑपरेटरों द्वारा संचालित एक सुव्यवस्थित हवाला गिरोह का पता चला. ये नेटवर्क बहुत ही जटिल तरीके से फैलाया गया था.

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  • तेलंगाना ईगल फोर्स ने ड्रग मनी के हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन करोड़ रुपये से अधिक जब्त किए
  • नाइजीरिया के नागरिक की गिरफ्तारी से शुरू हुई जांच में 150 वित्तीय लेनदेन और 68 लाख रुपये का कमीशन सामने आया
  • हवाला गिरोह के प्रमुख ऑपरेटर उत्तम सिंह ने गोवा में नाइजीरियाई ड्रग तस्करों से रोजाना 25 लाख रुपये जुटाए
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नई दिल्ली:

अंतरराष्ट्रीय ड्रग मनी रैकेट पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तेलंगाना ईगल फोर्स ने ड्रग्स से आने वाले पैसे को वैध बनाने वाले एक बड़े हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. इस दौरान तेलंगाना ईगल फोर्स ने 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जब्त की और पांच राज्यों में 20 लोगों को गिरफ्तार किया है. पहले की गई एक ड्रग छापेमारी के संबंध में ही इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया था. 

इस जांच की शुरुआत नाइजीरिया के नागरिक ओनेइसी एस्सोमची केनेथ उर्फ मैक्सवेल की गिरफ्तारी से हुई थी, जो कोकीन और एमडीएमए बेचते हुए पकड़ा गया था. उसके वित्तीय रिकॉर्ड की जांच में 150 ट्रांसेक्शन सामने आएं, जो दिखाता है कि उसने 68 लाख रुपये से अधिक रुपये बतौर कमीशन कमाए थे, जो नाइजीरिया में उसके सहयोगियों को दिया गया था. इस एक मामले ने देश में विदेशी अपराधियों द्वारा किए जा रहे कार्यों के पैमाने को रेखांकित किया. 

ईगल फोर्स द्वारा की गई आगे की जांच में उत्तम सिंह, चेतन ममानिया और अन्य प्रमुख ऑपरेटरों द्वारा संचालित एक सुव्यवस्थित हवाला गिरोह का पता चला. ये नेटवर्क बहुत ही जटिल तरीके से फैलाया गया था. उत्तम सिंह रोजाना गोवा में नाइजीरियाई ड्रग तस्करों से लगभग 25 लाख रुपये इकट्ठा करता था और हवाला ऑपरेटरों के जरिए हर हफ्ते 2.1 करोड़ रुपये भेजता था. 

इस पैसे को ऐसा ही कहीं नहीं भेजा जाता था बल्कि इसे कमोडिटी ट्रेडिंग के रूप में भेजा जाता था. ड्रग से मिलने वाले धन का इस्तेमाल मुंबई और चेन्नई के व्यापारियों से बच्चों की फ्रॉक, कुर्ते, टी-शर्ट, बाल आदि खरीदने के लिए किया जाता था और फिर इसे नाइजीरिया के लागोस में भेज दिया जाता था. 

24 स्पेशल ईगल टीम्स ने महाराष्ट्र, राजस्थान, गोवा और दिल्ली में कई रेड मारी. इन रेड्स का नतीजा ये रहा कि पुलिस ने 20 ड्रग मनी लॉन्डर्स और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया और इस वजह से अबतक इस मामले में कुल 50 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस मामले के मुख्य आरोपी चेतन ममानिया और रौनक प्रजापति हैं, जिनसे 3 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद की गई है. 

नाइजीरियाई सिंडिकेट्स 2010 से भारत में सक्रिय हैं और यह भंड़ाफोड़ इसको उजागर करता है. ये कार्टेल यूरोप से सिंथेटिक ड्रग्स और लैटिन अमेरिका से कोकीन की तस्करी के लिए जाने जाते हैं. जांच से पता चला है कि इनमें से कई लोग कानून प्रवर्तन से बचने और अपने काम को जारी रखने के लिए कई पासपोर्ट, नकली पहचान और फर्जी वीजा का इस्तेमाल करते हैं.

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