तमिलनाडु विधानसभा चुनाव : कांग्रेस और डीएमके के बीच सीटों को लेकर तकरार, जानिए क्यों उलझा मामला

डीएमके और कांग्रेस के बीच केवल सीटों की संख्या पर ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य मुद्दों को लेकर भी पेंच फंसा है. कांग्रेस लगातार मांग कर रही है कि राज्य सरकार में उसे भी शामिल किया जाए.

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कांग्रेस और डीएमके के बीच का विवाद गठबंधन के लिए खतरा बन सकता है.
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  • तमिलनाडु में डीएमके और कांग्रेस के गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर अभी बातचीत जारी है
  • कांग्रेस ने इस बार डीएमके से 45 सीटों की मांग की है जबकि पिछली बार 25 सीटें मिली थीं
  • मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने कांग्रेस को केवल 25 सीटें देने का प्रस्ताव रखा है
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तमिलनाडु चुनाव की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन सीटों के बंटवारे पर बातचीत शुरू हो गई है. राज्य में सत्तारूढ़ डीएमके का कांग्रेस के साथ गठबंधन है. गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है. राज्य में डीएमके और कांग्रेस सेक्युलर डेमाक्रेटिक एलायंस नामक गठबंधन का हिस्सा हैं.

कितनी सीटें मांग रही कांग्रेस

तमिलनाडु में सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस और डीएमके के बीच बातचीत को लेकर बड़ी खबर आई है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने डीएमके से 45 सीटों की मांग की है. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गिरीश चिदंकर ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ डीएमके नेता कनिमोई से सोमवार को मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस नेताओं ने 45 सीटों की मांग की. पिछली बार कांग्रेस ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 18 सीटों पर जीत हासिल हुई थी.

डीएमके कितना देना चाहती है

रविवार को कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने चेन्नई में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके नेता एम के स्टालिन से मुलाकात की थी. इस मुलाक़ात के दौरान स्टालिन ने इस बार भी कांग्रेस को 25 सीटें ही देने का प्रस्ताव दिया. स्टालिन का कहना था कि इस बार गठबंधन में कुछ नए दल भी आए हैं, जिनको सीटें दी जानी हैं.

हारी सीटों से भी कांग्रेस को संतोष

अब स्टालिन से बैठक के एक दिन बाद ही कांग्रेस ने 45 सीटों की मांग रखी है. पिछली बार डीएमके ने 173 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 40 पर उसे हार का सामना करना पड़ा था. कांग्रेस सूत्रों का तर्क है कि डीएमके जिन 40 सीटों को जीत नहीं पाई थी, उनमें से 20 सीटें कांग्रेस को दी जा सकती हैं, जिससे पार्टी के खाते में 45 सीटें आ जाएंगी. पार्टी सूत्रों का कहना है कि डीएमके की हारी सीटों पर कांग्रेस जीत हासिल कर सकती है.

विजय की पार्टी कांग्रेस का हथियार

डीएमके और कांग्रेस के बीच केवल सीटों की संख्या पर ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य मुद्दों को लेकर भी पेंच फंसा है. कांग्रेस लगातार मांग कर रही है कि राज्य सरकार में उसे भी शामिल किया जाए और सत्ता में हिस्सेदारी मिले. आजतक डीएमके के साथ गठबंधन में कांग्रेस पार्टी का कोई सदस्य मंत्री नहीं बना है और सत्तारूढ़ गठबंधन में होने के बावजूद पार्टी को सत्ता का सुख प्राप्त नहीं हुआ है. इस बार पार्टी सत्ता में हिस्सेदारी की मांग कर रही है. इतना ही नहीं , तमिल फिल्मों के सुपरस्टार विजय की नई नवेली पार्टी टीवीके के साथ भी कांग्रेस पार्टी के गठबंधन की अटकलें लगाई जाने लगी हैं.
 

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