संसद के शीतकालीन सत्र (Parliament Winter Session) के दौरान निलंबित सांसदों (Suspended MPs) में से तीन का निलंबन वापस होगा. सूत्रों ने यह जानकारी दी है. इसके साथ ही सूत्रों ने बताया कि लोकसभा की प्रिविलेज कमेटी (Privilege Committee of Lok Sabha) की आज हुई बैठक में इन तीन निलंबित सांसदों का निलंबन वापस लेने का फैसला किया गया है. यह तीनों विपक्षी सांसद आज कमेटी के सामने पेश हुए थे. इन तीनों सांसदों में अब्दुल खालिक, डॉ. के जयकुमार, बिजय कुमार उर्फ विजय बसंत शामिल हैं.
सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा की प्रिविलेज कमेटी तीनों सांसदों का निलंबन वापस लेने का फैसला किया गया है और इस संबंध में स्पीकर को रिपोर्ट भेजी गई है. तीनों सांसदों ने सदन में अपने व्यवहार के लिए खेद प्रकट किया है और आगे से ऐसा नहीं करने का विश्वास दिलाया है.
संसद के शीतकालीन सत्र में दोनों सदनों से 146 सांसद निलंबित किए गए थे. इनमें से 132 सांसदों को सत्र समाप्त होने तक के लिए निलंबित किए गए थे. वहीं लोकसभा के तीन और राज्य सभा के 11 सांसदों को प्रिविलेज कमेटी की रिपोर्ट आने तक के लिए निलंबित किया गया था. इनमें लोकसभा के तीन निलंबित सांसदों का निलंबन वापस लेने की आज प्रिविलेज कमेटी ने सिफारिश कर दी है.
राज्यसभा की प्रिविलेज कमेटी की बैठक होने पर वहां के 11 सांसदों के निलंबन का मामला देखा जाएगा.
इसलिए 146 सांसदों को किया गया था निलंबितसदन में तख्तियां लहराने और नारे लगाने के आरोप में शीतकालीन सत्र में कुछ दिनों के भीतर ही 146 सांसदों को लोकसभा और राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया. इनमें से ज्यादातर सदस्यों को शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया था. विपक्षी सांसद 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में हुई चूक की घटना को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग को लेकर दोनों सदनों में नारेबाजी कर रहे थे.
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