IPS अजय पाल शर्मा से बिना शर्त माफी मांगता हूं... TMC से निलंबित प्रवक्ता रिजू दत्ता ने जारी किया वीडियो

रिजू दत्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में चुनाव के बाद की हिंसा को रोकने के लिए भाजपा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की प्रशंसा की थी और जीत के लिए बधाई भी दी थी.

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  • टीएमसी ने चुनाव परिणामों के बाद अनुशासन उल्लंघन के आरोप में तीन प्रवक्ताओं को छह साल के लिए निलंबित किया
  • रिजू दत्ता ने IPS अजय पाल शर्मा पर दिए गए अपने आपत्तिजनक बयान के लिए माफी मांगी है
  • रिजू दत्ता ने बताया कि उनका वीडियो टीएमसी की पार्टी लाइन के अनुरूप था और पार्टी मुख्यालय से जारी किया गया था
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कोलकाता:

तृणमूल कांग्रेस से 6 साल के लिए निलंबित किए गए राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने अजय पाल शर्मा पर दिए अपने बयान पर सफाई दी है. उन्होंने आईपीएस अधिकारी को दिए धमकी और आपत्तिजनक बयान को लेकर माफी मांगी है. रिजू दत्ता ने कहा कि उनका वो बयान पार्टी लाइन और एक प्रवक्ता को तौर पर था, मेरी अजय पाल शर्मा से कोई निजी दुश्मनी नहीं है. मैं उनसे माफी मांगता हूं.

रिजू दत्ता ने एक्स पर एक वीडियो जारी कर कहा, "मैं, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता के रूप में, आईपीएस अजय पाल शर्मा के बारे में एक वीडियो बनाया था. अब मेरी पार्टी ने मुझे सच बोलने के कारण निलंबित कर दिया है. वह क्लिप वायरल हो चुकी है और भाजपा का पूरा आक्रोश व्यक्तिगत रूप से मुझ पर आ रहा है."

उन्होंने कहा, "मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि मैंने वह वीडियो तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में, तृणमूल मुख्यालय से, पार्टी लाइन का पालन करते हुए बनाया था और वह वीडियो तृणमूल कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स से भी जारी किया गया था. यह कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं थी."

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दत्ता ने कहा, "फिर भी, उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं और मेरे कानूनी सलाहकार की सलाह पर, मैं आईपीएस अजय पाल शर्मा से अपनी टिप्पणियों के लिए बिना शर्त माफी मांगता हूं, भले ही वह व्यक्तिगत नहीं थीं. मैं अब एक सामान्य व्यक्ति हूं, जो अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीने और अपनी आजीविका जारी रखने की आशा करता है. मुझे उम्मीद है कि यह मामला अब स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगा."

रिजू दत्ता ने ऑन कैमरा कहा था कि बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद बीजेपी भी अजय पाल शर्मा को बचा नहीं पाएगी. उन्हें यूपी से घसीटकर बंगाल लाया जाएगा और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने आईपीएस पर बीजेपी के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था.
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी अजय पाल शर्मा को निर्वाचन आयोग ने बंगाल चुनाव में पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया है और अपराधियों पर नकेल कसने की वजह से उन्हें ‘सिंघम' उपनाम से जाना जाता है. शर्मा ने संभावित उपद्रवियों को चेतावनी दी थी कि यदि उन्होंने पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को होने वाले मतदान को बाधित करने की कोशिश की, तो उनसे उचित तरीके से निपटा जाएगा.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को फाल्टा में मतदान हुआ था, उस दौरान गंभीर चुनावी अपराधों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के उल्लंघन के कारण नए सिरे से चुनाव कराने का आदेश दिया गया है. निर्वाचन आयोग ने ‘गंभीर चुनावी अपराधों' का हवाला देते हुए फाल्टा में 21 मई को पुनर्मतदान करने का आदेश दिया है.

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रिजू दत्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में चुनाव के बाद की हिंसा को रोकने के लिए भाजपा सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की प्रशंसा की थी और जीत के लिए बधाई भी दी थी. जिसने सबका ध्यान उनकी तरक गया.

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गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी विरोधी टिप्पणी करने के आरोप में शनिवार को पार्टी ने अपने तीन प्रवक्ताओं को छह साल के लिए निलंबित कर दिया था. एक बयान के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस अनुशासन का उल्लंघन करने के आरोप में प्रवक्ता रिजू दत्ता, कोहिनूर मजूमदार और कार्तिक घोष को निलंबित कर दिया गया है.

तृणमूल कांग्रेस ने यह कार्रवाई विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद नेतृत्व और पार्टी की चुनावी रणनीति की आलोचना करने वाली टिप्पणियों के लिए पांच प्रवक्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने के कुछ दिनों बाद की है.

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पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा की 293 सीट पर हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 207 सीट पर जीत दर्ज की है, जबकि 15 साल से सत्ता में रही तृणमूल 80 सीटों पर सिमट गई.

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