उत्तर प्रदेश से ISIS का संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, यूपी और दिल्ली पुलिस ने चलाया था ज्वाइंट ऑपरेशन

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट और यूपी ATS ने संयुक्त कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से ISIS के संदिग्ध आतंकी रिजवान अहमद को गिरफ्तार किया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट और यूपी एटीएस ने ISIS के संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया
  • गिरफ्तार आतंकी की पहचान रिजवान अहमद के रूप में हुई है जो उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से पकड़ा गया है
  • रिजवान अहमद 2015 से ISIS से जुड़ा हुआ था और भारत में संगठन के लिए रिक्रूटमेंट का काम कर रहा था
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट और उत्तर प्रदेश एटीएस ने संयुक्त कार्रवाई में ISIS के एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से की गई है. गिरफ्तार आतंकी की पहचान रिजवान अहमद के रूप में हुई है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, रिजवान अहमद 2015 से ISIS से जुड़ा हुआ था और भारत में आतंकी संगठन के लिए रिक्रूटमेंट का काम संभाल रहा था.

बम बनाने का सामान बरामद

इस कार्रवाई के दौरान आतंकी के पास से बम बनाने का सामान, कई आपत्तिजनक दस्तावेज और जेहादी लिटरेचर बरामद किया गया है. बरामद सामग्री की जांच की जा रही है. जांच एजेंसियों ने बताया कि रिजवान अहमद 2015 में मुंबई की आर्थर रोड जेल में आतंकी गतिविधियों के मामले में बंद रह चुका है, फिलहाल उससे पूछताछ जारी है.

पाक हैंडलर्स के इशारे पर साजिश रचने वाला गिरोह बेनकाब

इसके अलावा उत्तर प्रदेश एटीएस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर भारत में दहशत और आतंक फैलाने की साजिश रच रहा था. इस गिरोह का मुख्य उद्देश्य देश के महत्वपूर्ण संस्थानों, रेलवे संपत्तियों और राजनीतिक व्यक्तियों को निशाना बनाकर नुकसान पहुंचाना था. एटीएस ने इस मामले में मेरठ निवासी सरगना शाकिब समेत विकास गहलावत, लोकेश और अरबाब को गिरफ्तार किया है.

ऐप के जरिए हैंडलर्स से संपर्क

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था. शाकिब पेशे से नाई है, इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए न केवल पाकिस्तान बल्कि अफगानिस्तान के कुछ संदिग्ध नंबरों और कट्टरपंथी समूहों से भी जुड़ा हुआ था. गिरोह के सदस्य देश के विभिन्न शहरों जैसे गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ में महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी करते थे. वे प्रतिष्ठित संस्थानों, वाहनों और रेलवे सिग्नल बॉक्स की जानकारी जुटाकर अपने हैंडलर्स को भेजते थे.

Advertisement

गिरोह कर रहा था ये प्लानिंग

इसके बाद इन स्थानों को निशाना बनाने की साजिश तैयार की जाती थी. जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कुछ जगहों पर आगजनी की छोटी घटनाओं को अंजाम दिया और उनके वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे. इसके बदले उन्हें क्यूआर कोड के जरिए पैसे मिलते थे. यह गिरोह रेलवे सिग्नल बॉक्स को नष्ट करने, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में आग लगाने और राजनीतिक व्यक्तियों को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहा था. उनका मकसद देश में भय का माहौल पैदा करना और आर्थिक क्षति पहुंचाना था.

एटीएस को सूचना मिलने पर टीम ने लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास कार्रवाई की और आरोपियों को योजना को अंजाम देने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया. तलाशी के दौरान उनके पास से ज्वलनशील पदार्थ से भरा एक केन, सात स्मार्टफोन और 24 पंफलेट बरामद किए गए. फिलहाल एटीएस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इस साजिश से जुड़े अन्य लोगों और विदेशी कनेक्शन का पता लगाया जा सके.

Advertisement

(आईएएनएस इनपुट्स के साथ)

Featured Video Of The Day
Iran Israel War: ईरान के कब्जे में Trump का पायलट? | Bharat Ki Baat Batata Hoon | Iran Attack On US