बॉम्बे हाईकोर्ट में अनिल देशमुख की जमानत याचिका लटकाकर रखने पर सुप्रीम कोर्ट नाखुश

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि एक हफ्ते के भीतर महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की जमानत याचिका पर सुनवाई करके फैसला दिया जाए

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (फाइल फोटो).
नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट ने आज महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की जमानत याचिका बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा आठ महीने से लंबित रखने पर नाखुशी जताई. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि एक हफ्ते के भीतर जमानत याचिका पर सुनवाई कर फैसला दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने अनिल देशमुख को बॉम्बे हाईकोर्ट में जस्टिस एनजे जमादार के समक्ष मंगलवार को आवेदन करने की अनुमति दी है. 

जस्टिस जमादार को PMLA मामले में जमानत के उनके आवेदन की सुनवाई सौंपी गई है. सुनवाई के दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो जमानत के लिए अर्जी दाखिल करता है उसे इसकी शीघ्र सुनवाई की वैध उम्मीद होती है. इसे आठ महीने तक लंबित रखना जमानत के न्यायशास्त्र के अनुरूप नहीं है. 

दरअसल देशमुख ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल करके कहा था कि बॉम्बे हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो रही है. इस मामले में दो जज पहले ही सुनवाई से खुद को अलग कर चुके हैं. 

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की ED हिरासत बढ़ी

Featured Video Of The Day
BIG BREAKING | 'युद्ध के पहले घंटे में सब खत्म किया' ईरान पर Trump का बड़ा दावा | Iran Israel War
Topics mentioned in this article