पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं की संख्‍या बढ़ाने का मामला : SC ने चुनाव आयोग से मांगा जवाब

पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की संख्या किसी भी सूरत में 1500 से ज्यादा नहीं बढ़ाने की गुहार के साथ एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है.

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आयोग यह नहीं कह रहा है कि हर बूथ पर 1500 मतदाता होंगे...
नई दिल्‍ली:

पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या 1200 से बढ़कर 1500 किए जाने की चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से तीन हफ्ते में पूरी प्रक्रिया को विस्तार से बताते हुए हलफनामा दाखिल करने को कहा है. 17 जनवरी, 2025 को मामले की अगली सुनवाई होगी.  

सीजेआई संजीव खन्ना की बेंच ने चुनाव आयोग से यह बताने को कहा है कि एक ईवीएम, जो 1500 वोट ले सकती है, वो 1500 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केन्द्र की जरूरतों को कैसे पूरा करती है? साथ ही यह भी बताने को कहा है कि यदि एक मशीन में प्रति घंटे केवल 45 वोट डाले जा सकते हैं, तो वह सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे के दौरान शत-प्रतिशत मतदान होने पर सभी 1500 वोटों को कैसे समायोजित कर सकती है? 

मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से पेश मनिंदर सिंह ने कहा, 'इस मामले में नोटिस जारी नहीं किया जाना चाहिए. एक ईवीएम में 1500 वोट डालवाने का फैसला नया नहीं है, ये  साल 2019 से हैं और तब से किसी ने शिकायत नहीं की थी. अगर सभी लोग दोपहर 3 बजे आने लगें, तो क्या किया जा सकता है. जब आप सुबह जाते हैं, तो कोई भीड़ नहीं होती. ईवीएम के खिलाफ बहुत सारे आरोप लगाए जा रहे हैं, लेकिन किसी का कोई आधार नहीं है.'  

बता दें कि इंदू प्रकाश सिंह नाम की याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग के अगस्त 2024 में जारी दो निर्दशों को चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है कि आयोग के फैसले के चलते पोलिंग बूथ पर लम्बी लाइन और वोट डालने के लिए लंबा इतंज़ार वोटरों को मतदान के लिए हतोत्साहित करेगा. 

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