2000 के नोट बंद करने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट का जल्द सुनवाई से इंकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने नीतिगत मामला बताते हुए याचिका खारिज की थी. इस मामले को लेकर भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि 2,000 रुपये के नोटों ने अपना उद्देश्य पूरा कर लिया है और इसे वापस लेने का निर्णय एक नीतिगत मामला है, जिसमें अदालतों को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए.

विज्ञापन
Read Time: 11 mins
हाईकोर्ट के RBI के नोटिफिकेशन को बरकरार रखने के फैसले पर रोक की मांग.
नई दिल्ली:

2000 के नोट बंद करने का मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम ऐसे केस सुनवाई के लिए नहीं लेंगे. याचिकाकर्ता इसके लिए जुलाई में CJI के पास मेनशिंग करें. याचिकाकर्ता भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि दुनियाभर में ये पहली बार हो रहा है. जब सभी माफिया, तस्कर, किडनेपर और देशद्रोही लोग नोट बदलवा रहे हैं. बिना पहचान नोट बदलने के RBI के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी. जिसमें हाईकोर्ट के RBI के नोटिफिकेशन को बरकरार रखने के फैसले पर रोक की मांग की गई थी. 

दिल्ली हाईकोर्ट ने नीतिगत मामला बताते हुए याचिका खारिज की थी. इस मामले को लेकर भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि 2,000 रुपये के नोटों ने अपना उद्देश्य पूरा कर लिया है और इसे वापस लेने का निर्णय एक नीतिगत मामला है, जिसमें अदालतों को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. अदालत ने आरबीआई की अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी थी. मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने कहा था कि नवंबर 2016 में उच्च मूल्य के करेंसी नोट बंद करने के केंद्र के फैसले की पृष्ठभूमि में अर्थव्यवस्था की मुद्रा आवश्यकता को पूरा करने के लिए 2,000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोट पेश किए गए थे.

पीठ ने कहा कि एक बार अन्य मूल्यवर्ग के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाने के बाद उद्देश्य पूरा हो गया. पीठ ने आगे कहा कि इन नोटों को वापस लेने का निर्णय नोटबंदी का हिस्सा नहीं है. इसके अलावा, सरकार ने इन नोटों के आदान-प्रदान के लिए पहचान प्रमाण की आवश्यकता पर जोर नहीं देने का निर्णय लिया है ताकि हर कोई अन्य मूल्यवर्ग के नोटों के साथ इसे बदल सके. इसलिए, यह नहीं कहा जा सकता है कि सरकार का निर्णय विकृत या मनमाना है या यह काले धन, मनी लॉन्ड्रिंग, मुनाफाखोरी को बढ़ावा देता है या यह भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है.

भाजपा नेता व वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने याचिका में भारतीय रिजर्व बैंक व भारतीय स्टेट बैंक की अधिसूचना को चुनौती देते हुए कहा था कि बड़ी संख्या में 2,000 रुपये के नोट या तो व्यक्तिगत लॉकर में पहुंच चुके हैं अथवा उन्हें अलगाववादियों, आतंकियों, नक्सलियों, ड्रग तस्करों, खनन माफिया व भ्रष्ट लोगों ने जमा कर लिया है.

Advertisement

ये भी पढ़ें : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भूस्खलन से बह गई मुख्य सड़क, 300 लोग फंसे

ये भी पढ़ें : जाति का पता चला, तो बदला दोस्तों का व्यवहार, IIT छात्र ने बहन से बयां किया था दर्द : पुलिस

Featured Video Of The Day
Who is Ali Larijani? Khamenei के सबसे खास आदमी को मार गिराने का Israel का दावा | Iran Israel War
Topics mentioned in this article