सेंट्रल विस्टा मामले में फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया है. SC ने याचिकाकर्ता को कहा कि वो हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस से सोमवार को सुनवाई का अनुरोध कर सकते हैं,फिलहाल हाईकोर्ट मामले की सुनवाई कर रहा है और हम दखल नहीं देंगे.गौरतलब है कि सेंट्रल विस्टा परियोजना पर रोक लगाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी.याचिकाकर्ता के वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि मुद्दा बहुत सरल है, परियोजना जनवरी में पारित हो गई है.लेकिन जहां तक मानव जीवन का सवाल है, सरकार का दायित्व है कि हमारे मानव जीवन की रक्षा करे.
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उन्होंने कहा कि हमें इस मामले में चिंतित होने की जरूरत है, जबकि सरकार केवल 3-4 किमी के निर्माण को लेकर चिंतित हैं.याचिकाकर्ता ने कहा कि देश में स्वास्थ्य प्रणाली पूरी तरह से विफल हो गई है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में स्वास्थ्य आपातकाल जैसा माहौल है तो ऐसे में निर्माण कार्य कैसे चल सकता है. जब मजदूरों कै स्वास्थ्य खराब होंगे तो स्थिति और खराब हो जाएगी. हम पूरे प्रोजेक्ट पर रोक नहीं चाहते बल्कि इंडिया गेट के आसपास पर रोक चाहते हैं लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में 17 मई तक सुनवाई टाल दी है.ऐसे में हाईकोर्ट को जल्द सुनवाई करने को कहा जाए.
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गौरतलब है कि 20,000 करोड़ की लागत से बन रहे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के निर्माण को 'जरूरी सेवाओं' की कैटेगरी में रखा गया है, जिसे लेकर विपक्ष ने विरोध जताया है. दिल्ली में लॉकडाउन लगा हुआ है. इस योजना को हाल ही में पर्यावरणीय अथॉरिटी से भी ऑल-क्लियर का इशारा मिल चुका है, इसके बाद संभावना जताई जा रही है कि नया प्रधानमंत्री आवास दिसंबर, 2022 तक बनकर तैयार हो जाएगा. वहीं नया उपराष्ट्रपति आवास अगले साल मई तक बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है.