पश्चिम बंगाल SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट एक नई अर्जी पर सुनवाई को तैयार हो गया है. कुछ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, जबकि दावा किया गया है कि उनके पास वाजिब दस्तावेज हैं. वो पहले भी वोट डाल चुके हैं, लेकिन इलेक्शन कमीशन ने इन डॉक्यूमेंट्स को स्वीकार नहीं किया है. CJI ने मंगलवार को इस मामले को मुख्य मामले के साथ सुनवाई का भरोसा दिया है. पश्चिम बंगाल के SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से जुड़े मामले में आज वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने CJI सूर्यकांत की बेंच के सामने केस की जल्द सुनवाई की मांग की और कहा कि कई मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं और उनके दस्तावेज रिकॉर्ड पर नहीं लिए गए.
वरिष्ठ वकील ने अदालत से कहा कि ये वे मतदाता हैं, जो पहले वोट डाल चुके हैं, लेकिन अब उनके दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं, जिसके कारण उन्हें मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है. इस पर सुनवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सुप्रीम कोर्ट न्यायिक अधिकारियों के फैसलों पर सीधे अपील की तरह नहीं बैठ सकता. इस पर गुरुस्वामी ने दलील दी कि कानून की धारा 23 और 24 के तहत अपील का प्रावधान मौजूद है और इस मामले को टैग किया जा सकता है. अदालत ने इस पर कहा कि मामले पर मंगलवार को सुनवाई की जाएगी.














