- सुप्रीम कोर्ट ने त्योहारों और छुट्टियों के दौरान हवाई टिकटों की कीमतों में भारी वृद्धि पर गंभीर चिंता जताई
- कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है
- याचिका में एयरलाइंस पर किराया तय करने में मनमानी और डायनामिक किराए के नाम पर अधिक पैसा वसूलने का आरोप लगाया
त्योहारों और छुट्टियों के दौरान हवाई जहाज़ के टिकटों की कीमतों में भारी इज़ाफे पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की है.इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वो 4 हफ्ते में जवाब दाखिल करें. केंद्र सरकार के वकील ने कोर्ट से कहा कि उच्चतम स्तर पर इस मामले को देखा जा रहा है. उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए कुछ और वक़्त दिया जाए.
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डायनामिक किराए के नाम पर वसूला जा रहा पैसा
बता दें कि याचिका में एयरलाइंस पर किराया तय करने के मामले में मनमानी का आरोप लगाया गया है. याचिकाकर्ता का कहना है कि मौजूदा दौर में हवाई यात्रा एक बुनियादी सेवा है, लेकिन महंगे टिकट के चलते ये आम लोगों के लिए असंभव सी होती जा रही है. याचिका में कहा गया है कि हवाई सेवा 'एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट' के दायरे में आती हैं. लेकिन डायनामिक किराए के नाम पर लोगों से पैसा वसूला जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी.
त्योहारी सीजन में बढ़ जाते हैं हवाई टिकट के दाम
बता दें कि ये अक्सर देखा जाता है कि त्योहारी सीजन में फ्लाइट्स टिकट्स की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी जाती है. एयरलाइन कंपनियां मनमाना किराया वसूलती हैं. दीपावली, छठ पूजा, होली, दुर्गा पूजा के दौरान एयर टिकिट्स की कीमतें आसमान छूने लगती हैं. वहीं आपदा के समय भी ऐसा ही देखने को मिलता है. एयरलाइन कंपनियां इसको अवसर की तरह देखने लगती हैं. रेट में हजारों रुपये की बढ़ोतरी कर दी जाती है. घर जाने के लिए लोगों को मजबूरन लोगों को महंगी कीमतों पर टिकट्स लेनी पड़ती हैं. अब होली का त्योहार आने को है वहीं कुछ महीनों में बच्चों की स्कूल की छुट्टियां भी शुरू हो जाएंगी. ऐसे में किराये में बढ़ोतरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है.













