बारामती उपचुनाव में निर्विरोध जीतेंगी सुनेत्रा पवार, कांग्रेस समेत 23 उम्मीदवारों ने वापस लिया नाम

बारामती विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस अपना उम्मीदवार वापस ले रही है. इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है. अजित पवार की राजनीतिक विरासत और सहानुभूति लहर के बीच अब उनके निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ होता दिख रहा है.

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  • कांग्रेस ने बारामती उपचुनाव से अपने उम्मीदवार आकाश विश्वनाथ मोरे का नामांकन वापस लेने का निर्णय लिया है.
  • सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुनाव लगभग तय माना जा रहा है, जिससे पवार परिवार की स्थिति मजबूत होगी.
  • बारामती सीट पवार परिवार का मजबूत गढ़ है, जहां पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने लगातार आठ बार जीत हासिल की थी.
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मुंबई:

महाराष्ट्र की राजनीतिक रूप से अहम बारामती विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में अब बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. कांग्रेस पार्टी ने इस सीट से अपने उम्मीदवार आकाश विश्वनाथ मोरे का नाम वापस लेने का फैसला किया है. इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है. बारामती के चुनावी रण से अब तक 23 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए हैं. 

कांग्रेस की राज्य इकाई ने उम्मीदवार का नामांकन वापस लेने के ऐलान कर दिया है.  

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कांग्रेस ने पहले उतारा था उम्मीदवार

गौरतलब है कि कांग्रेस ने बारामती उपचुनाव के लिए अधिवक्ता आकाश मोरे को उम्मीदवार घोषित किया था. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उनकी उम्मीदवारी को मंजूरी दी थी, जिसकी औपचारिक जानकारी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने 5 अप्रैल 2026 को दी थी. हालांकि अब पार्टी ने रणनीतिक तौर पर चुनाव से हटने का फैसला किया है.

अजित पवार की विरासत और सहानुभूति लहर

बारामती सीट को पवार परिवार का गढ़ माना जाता है. पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार यहां से लगातार आठ बार जीत दर्ज कर चुके थे. साल 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 24 उम्मीदवारों के सामने चुनाव लड़ते हुए 1 लाख 81 हजार से अधिक मतों की भारी बढ़त हासिल की थी, जिसमें उनके भतीजे योगेंद्र पवार भी शामिल थे.

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अजित पवार के निधन के बाद हो रहे इस उपचुनाव में क्षेत्र में सहानुभूति की लहर साफ देखी जा रही है. इसी भावनात्मक माहौल के बीच उनकी पत्नी और मौजूदा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को प्रत्याशी बनाया गया.

राजनीतिक समीकरण बदले

शुरुआत में सुनेत्रा पवार को निर्विरोध जिताने की अपील की जा रही थी, लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार उतारे जाने से मुकाबला हाई‑प्रोफाइल बन गया था. अब कांग्रेस के पीछे हटने से राजनीतिक स्थिति एक बार फिर पवार परिवार के पक्ष में जाती दिख रही है.

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23 अप्रैल को चुनाव

बारामती के साथ‑साथ राहुरी विधानसभा सीट पर 23 अप्रैल को मतदान होना था, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होनी थी. हालांकि अब सभी उम्मीदवारों के नाम वापस लेने से सुनेत्रा पवार की जीत तय मानी जा रही है. 

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