सुनेत्रा पवार अध्यक्ष, पार्थ राज्यसभा के लिए नामित... जानिए NCP के राष्ट्रीय अधिवेशन में हुए बड़े फैसले

प्रफुल पटेल ने कहा कि अजितदादा पवार एक महान व्यक्तित्व थे और उन्होंने अल्प समय में राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व सिद्ध किया. उन्होंने कहा कि अब सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में पार्टी को फिर से राष्ट्रीय मान्यता दिलाने का लक्ष्य रखा गया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
मुंबई:

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने सुनेत्रा अजितदादा पवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामित किया, जिसका प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पुरजोर अनुमोदन किया. अधिवेशन में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हाथ उठाकर सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव का समर्थन किया. इसी महत्वपूर्ण अवसर पर पार्टी ने भविष्य की रणनीति स्पष्ट करते हुए पार्थ अजित पवार को राज्यसभा के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर नई पीढ़ी को नेतृत्व की मुख्यधारा में शामिल करने का संकेत दिया.

पार्टी की कमान संभालने के बाद उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने अत्यंत भावुक संबोधन दिया. उन्होंने अजित दादा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि जिस आत्मीयता और समर्पण भाव से उन्होंने पार्टी को एक परिवार की तरह सींचा है, वे भी उसी विरासत को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ाएंगी. उन्होंने संकल्प लेते हुए स्पष्ट किया कि वे इस जिम्मेदारी के निर्वहन में कोई कमी नहीं रहने देंगी और चुनौतियों के सामने कभी हार नहीं मानेंगी. अपने इरादे साफ करते हुए उन्होंने कहा, "मैं हार नहीं मानूंगी और लिया हुआ संकल्प कभी नहीं छोड़ूंगी."

उन्होंने कहा कि यह पद केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि लाखों कार्यकर्ताओं की आशाओं और संघर्षों की जिम्मेदारी है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे मिलकर दिवंगत अजित पवार के विकास के सपने को आगे बढ़ाएं.  उन्होंने कहा कि पार्टी “शिव-शाहू-फुले-आंबेडकर” की विचारधारा पर चलती रहेगी और समाज के किसी भी वर्ग को पीछे नहीं छोड़ा जाएगा. महिला सशक्तिकरण, कृषि, सहकार, उद्योग, शिक्षा और युवाओं के सशक्तीकरण को प्राथमिकता देने का संकल्प भी दोहराया गया.

प्रफुल पटेल और तटकरे का समर्थन

प्रफुल पटेल ने कहा कि अजितदादा पवार एक महान व्यक्तित्व थे और उन्होंने अल्प समय में राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व सिद्ध किया. उन्होंने कहा कि अब सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में पार्टी को फिर से राष्ट्रीय मान्यता दिलाने का लक्ष्य रखा गया है.

सुनिल तटकरे ने भी नए नेतृत्व का स्वागत करते हुए कहा कि आलोचनाओं की परवाह किए बिना पार्टी दादाओं के विचारों के प्रति निष्ठावान रहेगी. उन्होंने “सुनेत्रा पर्व” की शुरुआत की घोषणा करते हुए संगठन को एकजुट रहने का संदेश दिया.

छगन भुजबळ का जवाब

वरिष्ठ नेता और मंत्री Chhagan Bhujbal ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि सुनेत्रा पवार दादाओं के साथ वर्षों तक कंधे से कंधा मिलाकर काम करती रही हैं. उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अनुशासन बनाए रखें और संगठन को मजबूत करें.

Advertisement

पार्थ पवार राज्यसभा के लिए घोषित

अधिवेशन में प्रफुल पटेल ने पार्थ अजित पवार के नाम की राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में घोषणा की. इस निर्णय को भी कार्यकर्ताओं ने समर्थन दिया. राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह कदम संगठनात्मक एकता और परिवार की निरंतरता का संदेश देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

Featured Video Of The Day
पुराने TV की White Noise और Static में छिपे हैं Big Bang के राज, देखिए Universe की सच्चाई