दीवाली के आसपास पराली जलाने से बढ़ सकती है समस्या : सीएसई

पिछले दो साल के मुकाबले इस बार पराली जलाने से निकलने वाले धुएं ने क्षेत्र में अभी तक वायु गुणवत्ता पर असर नहीं डाला है और अक्टूबर की शुरुआत में बारिश ने भी हवा को अभी तक अपेक्षाकृत साफ रखा है.

विज्ञापन
Read Time: 10 mins
(फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

विज्ञान और पर्यावरण केंद्र (सीएसई) ने गुरुवार को कहा कि इस साल दीवाली ऐसे वक्त में मनायी जा रही है, जब पहले की अपेक्षा ज्यादा ठंड नहीं है लेकिन दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ सकती है. दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता प्रतिकूल मौसम विज्ञान संबंधी कारकों जैसे कम तापमान और हवा की गति के कारण अक्टूबर में बिगड़नी शुरू हुई थी, जिससे प्रदूषकों का छितराव नहीं हुआ.

पटाखों से होने वाला उत्सर्जन और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से वायु गुणवत्ता और बदतर होगी. सीएसई ने कहा कि इस साल दीवाली पहले ही आ रही है, ‘‘जिसका मतलब है कि गर्म मौसम और हवा की स्थितियां प्रदूषण को कम करने में मदद करेगी जो दीवाली की रात के समारोहों का हिस्सा बन गया है.

पिछले दो साल के मुकाबले इस बार पराली जलाने से निकलने वाले धुएं ने क्षेत्र में अभी तक वायु गुणवत्ता पर असर नहीं डाला है और अक्टूबर की शुरुआत में बारिश ने भी हवा को अभी तक अपेक्षाकृत साफ रखा है.

यह भी पढ़ें -
-- रुपये में रिकॉर्ड गिरावट के बीच मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र और वित्‍त मंत्री पर कसा तंज

-- सुप्रीम कोर्ट ने HIV पॉजिटिव पूर्व-सैनिक का इलाज बेस अस्पताल में करने का दिया आदेश

Advertisement

VIDEO: संगरूर में CM मान के घर के बाहर किसान यूनियन का प्रदर्शन

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
Featured Video Of The Day
Iran Israel War: Nuclear Weapon का भोंपू बजाने वाले PAK को पूर्व राजनयिक ने जो लगाई लताड़!
Topics mentioned in this article