- उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है, जिससे मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं का असर दिख रहा है.
- जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी से पर्यटक बड़ी संख्या में हिल स्टेशनों पर पहुंच रहे हैं.
- बर्फबारी के कारण कई इलाकों में सड़कें जाम हो गई हैं, जिससे पर्यटकों को घंटों यातायात जाम का सामना करना पड़ा.
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में कई इंच बर्फबारी हुई है, जिसका असर मैदानी इलाकों में भी बर्फीली हवाओं के रूप में देखा जा रहा है. जम्मू-कश्मीर से उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तक की पहाड़ियां बर्फ से सराबोर हैं. बर्फबारी का लुत्फ उठाने और इस मंजर को बरसों के लिए दिल में कैद करने की चाह पर्यटकों को अपनी ओर खींच रही है. यही कारण है कि बड़ी संख्या में पर्यटक हिल स्टेशंस का रुख कर रहे हैं. हालांकि बर्फबारी और बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने के कारण कई जगहों पर जाम भी लग गया और पर्यटकों को घंटों इस जाम से जूझना पड़ा है.
जम्मू-कश्मीर के ज्यादातर इलाके इस साल की पहली बर्फबारी से सराबोर दिखाई दे रहे हैं. आसामान से गिरती बर्फ के बीच मंजर ऐसा है कि दूर तक देख पाना भी मुश्किल है. जम्मू कश्मीर के ज्यादातर इलाकों में 6 इंच तक बर्फबारी हुई है, जिसने नजारे जरूर खूबसूरत बना दिए हैं, लेकिन पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी बर्फबारी के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
डोडा में 'व्हाइट वंडरलैंड'
डोडा से सामने आई तस्वीरों में पूरा इलाका बर्फबारी की वजह से व्हाइट वंडरलैंड नजर आ रहा है. रास्तों पर मोटी बर्फ की परत जमी है और दूर-दूर तक सिर्फ सफेद चादर दिखाई दे रही है. बर्फीले रास्तों से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है. बर्फबारी के कारण वाहनों के ऊपर बर्फ जम गई है तो बर्फबारी के कारण फिसलन भरे रास्ते हादसों को आमंत्रण दे रहे हैं.
जर्रे-जर्रे पर बर्फ ही बर्फ
रामबन के जर्रे जर्रे में ढाई से तीन फीट बर्फ जमा है. तस्वीरें बर्फकाल जैसी है, जिसमें सब कुछ जमा दिखाई दे रहा है. पूरा इलाका मानो बर्फिस्तान बन गया हो, पेड़ की टहनियों पर बर्फ की मोटी परत जमी है.
बडगाम में भी मंजर अलग नहीं है. आसमान से बरसती बर्फ ने जहां पर्यटकों को खुश होने का मौका दे दिया है, वहीं स्थानीय लोगों की परेशानी को बढ़ा दिया है. कुछ ही घंटे की बर्फबारी में सड़क पर खड़ी कार और बाइक से लेकर दुकान और मकान तक सिर्फ बर्फ का ही कब्जा है. कई जगहों पर ऐसा लगता है कि मानो बर्फ का रेगिस्तान है.
सब कुछ जम गया, दूर-दूर सिर्फ बर्फ
जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग से सामने आई तस्वीरें मन को मोह लेती हैं. ये कोई फिल्म का सीन नहीं और ना ही किसी पेंटिंग का हिस्सा है. सब कुछ जम गया है, रास्ते खाली पड़े हैं. दूर-दूर तक कोई भी इंसान नजर नहीं आ रहा है.
बर्फ पर जमीं पटरी और ट्रेन का नजारा
जम्मू-कश्मीर के बनिहाल में जहां कटरा-श्रीनगर रूट पर बर्फ से जमी पटरियों पर वंदे भारत ट्रेन दौड़ती नजर आई तो राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बर्फबारी ने हर किसी का मन मोह लिया है.
बर्फबारी लेकर आई खुशी का पैगाम
जम्मू-कश्मीर के पर्यटक स्थलों पर भी बर्फबारी के बाद बड़ी संख्या में लोग उमड़े हैं. दूर-दूर से गुलमर्ग पहुंचे सैलानियों के लिए मानो बर्फबारी खुशी का पैगाम लेकर आई हो.
बर्फ में दबे शख्स को पुलिस ने बचाया
जम्मू-कश्मीर के शोपियां में बर्फ के नीचे जिंदा दबे एक आदमी को पुलिस ने बचाया. फोर्स जब पेट्रोलिंग के लिए सड़क पर थी, तभी उन्हें आवाजें सनाई दी, जिसे सुनकर वे भागे और आदमी को बचाया.
मोटी बर्फ की चादर से ढका शिमला
शिमला की बर्फबारी भी पर्यटकों को आकर्षित कर रही है. शिमला में कई घंटों की बर्फबारी के बाद हर जगह पर बर्फ की मोटी चादर है, जिसने पूरे इलाके को अपने आगोश में ले लिया है. कई किलोमीटर तक सिर्फ बर्फ ही बर्फ नजर आ रही है.
गाड़ी से पेड़ों तक सिर्फ बर्फ ही बर्फ
शिमला किसी आईस सिटी जैसी नजर आ रही है, जहां क्या घर, क्या गाड़ियां और क्या पेड़ की टहनियां, यहां पर सिर्फ सफेद बर्फ की चादर ही नजर आ रही है.
मनाली में भी कई फीट गिरी बर्फ
मनाली में भी कई फीट बर्फ गिरी है. सड़क पर खड़ी कारें जम गई हैं और चारों ओर बर्फ की मोटी दीवार बन गई है. कुछ इलाकों में हालात ऐसे है कि भारी बर्फबारी के कारण सैकड़ों टूरिस्ट कैद हो गए हैं.
पहली बार बर्फबारी देख फूले नहीं समाए पर्यटक
कारगिल के द्रास में भी हालात कुछ ऐसे ही है, जिन रास्तों पर कभी गाड़ियां चला करती थीं, वहां अब मोटी बर्फ की चादर ने अपना ठिकाना बना लिया है. तस्वीरें यह बताने के लिए काफी हैं कि अचानक रिकॉर्ड तोड़ बर्फबारी होती है तो क्या होता है. साथ ही अन्य इलाकों में भी बर्फबारी को देखकर पर्यटक फूले नहीं समा रहे. कई लोगों ने पहली बार बर्फबारी देखी है.
श्रीनगर-गुलमर्ग सड़क पर ट्रैफिक जाम
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के मागम में ताजा बर्फबारी के बाद श्रीनगर-गुलमर्ग सड़क पर ट्रैफिक जाम हो गया.
मनाली में घंटों जाम में फंसे लोग
हिमाचल प्रदेश के मनाली में बर्फबारी के कारण शुक्रवार का कई वाहन यातायात जाम में फंस गए. बर्फबारी के बीच वाहनों के फंसने से आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
नाली में मनाली की ओर जाने वाले हाईवे पर भारी भीड़ और बर्फबारी की वजह से कारण बड़ा जाम लग गया है और बड़ी संख्या में पर्यटक सड़क पर ही फंस गए. मनाली का एंट्री प्वाइंट चोक हो गया है और लोग कई घंटों से फंसे नजर आए. इस दौरान लोगों कोा गाड़ियों में सोने और पैदल चलने पर मजबूर होना पड़ा.
बर्फबारी के बाद उमड़े पर्यटकों के कारण मनाली के सभी होटल फुल ऑक्यूपेंसी पर हैं और कई सैलानी अब कुल्लू का रुख कर रहे हैं.
हिमाचल के ऊपरी इलाकों में 24 घंटे से बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार पिछले चौबीस घंटों से बर्फबारी हो रही है वहीं अब ये निचले क्षेत्रों का रुख भी कर रही है. ऐसे इलाकों में भी बर्फबारी हो रही है, जहां बर्फबारी की उम्मीद कम होती है. वहीं इस बर्फबारी से कहीं खुशी है तो कहीं दुश्वारियां भी हैं. बर्फबारी से जहां किसानों बागवानों और पर्यटन से जुड़े लोगों में खुशी है तो वहीं स्थानीय लोग का जीवन घरों में कैद हो कर रह गया है. जिला लाहौल स्पीति में तो बिजली पानी सड़कें सब कुछ प्रभावित हो गया है, वहीं जिला कांगड़ा में तो थोड़ी राहत है, यहां किसान बागवान खुश नजर आ रहे हैं.
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी
उधर, नैनीताल में भी मौसम पल पल बदल रहा है. यहां पर सुबह से ही बादल छाए हुए थे. हालांकि जिसके बाद अब आसमान साफ हो गया है. नैनीताल में नीला आसमान नजर आ रहा है और धूप खिल गई है. वहीं नैनीताल के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमालय दर्शन के दौरान जहां कल बर्फ जमी हुई थी, आज उसी क्षेत्र में अधिकांश बर्फ पिघल गई है. नैनीताल में 25 और 26 जनवरी को बादल छाए रहेंगे. मौसम विभाग ने 27 जनवरी से दोबारा मौसम के बदलने की संभावना जताई है. उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाके में दोबारा से बर्फबारी देखने को मिल सकती है, तो वहीं निचले इलाकों में बरसात होने की संभावना जताई गई है.














