SIR का डर या वजह कुछ और... पश्चिम बंगाल में महिला ने खुद को आग लगा की आत्‍महत्‍या

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, आशंका है कि यह घटना SIR से जुड़े दबाव और मानसिक परेशानी के कारण हुई होगी. हालांकि, पुलिस ने घटना की असली वजह जानने के लिए जांच शुरू कर दी है. बर्धवान मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के मुर्दाघर में शव का पोस्टमार्टम किया गया.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • पश्चिम बंगाल में एक महिला ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण के तनाव में आकर आत्मदाह कर लिया.
  • मुस्तारा खातून काजी अविवाहित थीं और 2002 की मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद एसआईआर सत्यापन से चिंतित थीं.
  • स्थानीय विधायक ने परिवार से मुलाकात कर चेतावनी दी कि ऐसी घटनाओं पर वे विरोध प्रदर्शन करेंगे.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
बर्धमान:

पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में एक महिला ने कथित तौर पर आत्मदाह कर लिया है. महिला के परिजनों ने दावा किया है कि 4 नवंबर से शुरू हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण वह गंभीर मानसिक तनाव में थी. महिला का नाम मुस्तारा खातून काजी बताया जा रहा है, जो कि 40 साल की थी. परिवार ने शनिवार को आरोप लगाया कि SIR के डर से मुस्तारा ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने परिवार के सदस्यों के हवाले से बताया कि अविवाहित मुस्तारा खातून काजी अपने माता-पिता के साथ रहती थीं. वह 2002 की मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद जारी एसआईआर सत्यापन को लेकर काफी चिंतित थीं.

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अधिकारी ने कहा, 'हमने उसे बार-बार आश्वस्त करने की कोशिश की कि उसे दस्तावेज प्रक्रिया में कोई कठिनाई नहीं होगी और उसने शुक्रवार को अपना गणना प्रपत्र भी जमा कर दिया था, लेकिन वह तनाव में थी. परिवार के सदस्यों ने देर रात आग की लपटें देखीं और उसे बचाने के लिए दौड़े. उसे भाटर ब्लॉक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.' पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कहा है कि उसकी मौत से जुड़ी परिस्थितियों की जांच जारी है.

घटना पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए भाटर ग्राम पंचायत सदस्य सैफुल हक ने कहा, 'उसे बार-बार कहा गया कि डरने की कोई बात नहीं है. फिर भी वह गंभीर मानसिक तनाव में थी.' हक ने निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया जल्दबाजी और अनियोजित तरीके से शुरू की गई, जिसके परिणामस्वरूप कमजोर नागरिकों में भ्रम, घबराहट और मनोवैज्ञानिक संकट पैदा हो गया. बाद में स्थानीय विधायक मंगोबिंद अधिकारी ने परिवार से मुलाकात की और चेतावनी दी कि यदि ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे.

भाषा इनपुट के साथ

हेल्पलाइन
वंद्रेवाला फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्‍थ 9999666555 या help@vandrevalafoundation.com
TISS iCall 022-25521111 (सोमवार से शनिवार तक उपलब्‍ध - सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक)
(अगर आपको सहारे की ज़रूरत है या आप किसी ऐसे शख्‍स को जानते हैं, जिसे मदद की दरकार है, तो कृपया अपने नज़दीकी मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ के पास जाएं)

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Bharat Ki Baat Batata Hoon | Delhi, Bihar समेत 6 राज्यों में Bulldozer Action |CM Yogi