- चुनाव आयोग के मुताबिक, 12 राज्यों में वोटर लिस्ट के स्पेशल रिवीजन के लिए 99.53 प्रतिशत फॉर्म बांटे जा चुके हैं
- उत्तर प्रदेश में 99.74% यानी 15.40 करोड़ फॉर्म बंट चुके हैं. बंगाल में 99.85% वोटरों को फॉर्म दे दिए गए हैं
- यूपी में फॉर्म डिजिटलीकरण का काम सबसे धीमा चल रहा है. यहां 60.91% फॉर्म ही डिजिटलाइज्ड हुए हैं
बिहार के बाद देश के 12 राज्यों में वोटर लिस्ट के स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया तेजी से बढ़ रही है. केंद्रीय चुनाव आयोग ने शनिवार को बताया कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 99.53 प्रतिशत फॉर्म बांटे जा चुके हैं. गोवा और लक्षद्वीप में 100 फीसदी और पश्चिम बंगाल में 99.85 प्रतिशत वोटरों को फॉर्म मिल चुके हैं. वोटरों के लिहाज से सबसे बड़े राज्य यूपी में 99.74 प्रतिशत यानी 15.40 करोड़ से ज्यादा फॉर्म बांटे दिए गए हैं.
फॉर्म बांटने का काम 99.53 फीसदी पूरा
चुनाव आयोग ने डेली बुलेटिन में बताया गया कि देशभर में फॉर्म बांटने का काम तेजी से चल रहा है. गणना प्रपत्र (ईएफ) वितरण का कार्य 99.53 फीसदी पूरा हो चुका है. गणना का फेज 4 दिसंबर तक चलेगा. इस दौरान पात्र 50.97 करोड़ मतदाताओं में से कुल 50.73 करोड़ वोटरों को फॉर्म बांट दिए गए हैं.
अब तक 40.25 करोड़ फॉर्म डिजिटल हुए
चुनाव आयोग के मुताबिक, फॉर्म को डिजिटल करने का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. अब तक 40.25 करोड़ फॉर्म डिजिटल किए जा चुके हैं. इस तरह डिजिटलाइजेशन की कुल दर 78.97 प्रतिशत हो गई है.
बंगाल में 99.85% तो यूपी में 99.74% फॉर्म बंटे
आयोग ने राज्यवार आंकड़े बताते हुए कहा कि गोवा और लक्षद्वीप में फॉर्म बांटने का काम 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है. इसके बाद अंडमान निकोबार में 99.99 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 99.9 प्रतिशत, पश्चिम बंगाल में 99.85 प्रतिशत, गुजरात में 99.82 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 99.74 प्रतिशत वितरण हो गया है.
तमिलनाडु समेत ये राज्य सबसे पीछे
बुलेटिन में बताया गया कि केरल 98.4 प्रतिशत, पुडुचेरी 98.39 प्रतिशत और तमिलनाडु 98.34 प्रतिशत के साथ सबसे कम प्रदर्शन करने वाले राज्य हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में 7.65 करोड़ या 99.85 प्रतिशत फॉर्म बांटे जा चुके हैं और 91.77 प्रतिशत डिजिटलीकरण हो चुका है.
यूपी में डिजिटलीकरण का काम सबसे धीमा
डिजिटलीकरण के मामले में लक्षद्वीप 100 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है. उसके बाद गोवा 95.17 प्रतिशत और राजस्थान 92.66 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर हैं. उत्तर प्रदेश में फॉर्म के डिजिटलीकरण का काम सबसे धीमा चल रहा है. यहां अभी तक 60.91 प्रतिशत फॉर्म ही डिजिटलाइज्ड हुए हैं.
दलों से कहा, ज्यादा बूथ एजेंट नियुक्त करें
चुनाव आयोग ने बताया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से वेरिफिकेशन और डिजिटलीकरण में तेजी लाने के लिए और ज्यादा बूथ एजेंट नियुक्त करने की अपील की गई है. आयोग ने स्पष्ट किया कि राजस्थान के आंकड़ों में अंता विधानसभा क्षेत्र शामिल नहीं है, जहां उपचुनाव के कारण वोटर लिस्ट रिवीजन का काम स्थगित किया गया है.













