भारत के लाल शुभांशु शुक्ला ने NDTV के मंच से साझा किया अपना अंतरिक्ष वाला अनुभव, पढ़ें क्या कुछ कहा

इस मौके पर जब शुभांशु शुक्ला पूछा गया कि स्पेस मिशन ज्यादा खास है या फाइटर पायलट, तो उन्होंने कहा कि स्पेस मिशन समय लेता है 3-4 साल तक लॉन्च होते हैं.जब आप जमीन पर होते हैं तो फाइटर पायलट होते हैं.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को NDTV के साइंस आइकॉन ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है
  • शुभांशु शुक्ला ने अपने स्पेस मिशन के दौरान परिवार से मिले समर्थन का जिक्र किया है
  • उन्होंने बताया कि स्पेस मिशन के लिए तीन से चार साल का समय लग जाता है जबकि फाइटर पायलट का अनुभव अलग होता है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

अंतरिक्ष में भारत की धाक जमाकर लौटे ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को NDTV के साइंस आइकॉन ऑफ द ईयर के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. इस खास मौके पर शुंभाशु शुक्ला ने अपने स्पेस मिशन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मेरे परिवार को पता था क्या है ये मिशन. उन्होंने मुझे काफी समर्थन किया.कई बार मिशन में डिले हुआ, मेरी पत्नी लॉन्च पैड के करीब थी. मेरा परिवार मुझे हमेशा सपोर्ट कर रहा था. 

जब इस मौके पर शुभांशु शुक्ला से पूछा गया कि आपके लिए स्पेस मिशन ज्यादा खास है या फाइटर पायलट, तो उन्होंने कहा कि स्पेस मिशन समय लेता है 3-4 साल तक लॉन्च होते हैं.जब आप जमीन पर होते हैं तो फाइटर पायलट होते हैं.

शुभांशु शुक्ला ने ये भी बताया कि आखिर जब मिशन ब्लास्ट ऑफ हुआ तो उन्हें कैसा लगा. उन्होंने बताया कि जैसे ही इंजन शुरू हुआ आपको पता है कि आप आसमान में जा रहे हैं.आप 0 किलोमीटर से 28 हजार किलोमीटर की रफ्तार से आगे बढ़ते हैं, ये काफी रोमांचक था.

यह भी पढ़ें: 'शुभांशु शुक्ला ने वो करिश्मा किया है कि आप कह सकते हैं स्काई हैज नो लिमिट', NDTV के मंच से बोले CJI सूर्यकांत

यह भी पढ़ें: ICC प्रमुख जय शाह को NDTV ट्रांसफॉर्मेशनल लीडर ऑफ द ईयर का मिला अवॉर्ड

Featured Video Of The Day
Syed Suhail | Bharat Ki Baat Batata Hoon | ED की छापेमारी के बाद Mamata Banerjee ने कर दी FIR!
Topics mentioned in this article