- इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस ने PM मोदी के खिलाफ टी-शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया
- समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल ने यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन को देश की छवि के लिए नुकसानदायक बताया
- भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने इस घटना को भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने की कोशिश करार दिया
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के “शर्टलेस प्रदर्शन” पर विपक्षी गठबंधन INDIA के भीतर ही विवाद खड़ा हो गया है. यूथ कांग्रेस की इस हरकत की आलोचना उसके दो प्रमुख सहयोगियों समाजवादी पार्टी (SP) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने खुलकर की है, जिससे कांग्रेस राजनीतिक रूप से घिर गई है. घटना शुक्रवार की है, जब युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान मंच के भीतर ही टी-शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया.
इन टी-शर्ट्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते संदेश लिखे थे. विरोध का उद्देश्य सरकार के कथित “समझौता किए गए निर्णयों” और पारदर्शिता के अभाव को लेकर सवाल उठाना बताया गया. लेकिन यह प्रदर्शन तभी से राजनीतिक विवाद में बदल गया, जब विदेशी प्रतिनिधियों के सामने ऐसे विरोध को लेकर तमाम पार्टियों ने आपत्तियां उठाईं सबसे पहले कांग्रेस के सहयोगी ही सामने आ गए.
अखिलेश यादव ने क्या कहा?
समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने शनिवार को झांसी में पत्रकारों से कहा कि यह प्रदर्शन देश की छवि को ठेस पर पहुंचाने वाला था. उन्होंने कहा, “हमारे और कांग्रेस के बीच मतभेद हो सकते हैं, बीजेपी झूठ बोलती है यह भी देश जानता है. लेकिन विदेशी प्रतिनिधियों के सामने इस तरह का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए था. इससे देश की छवि को ठेस पहुंचती है.”
राजद नेता मनोज झा ने भी जताई आपत्ति
INDIA गठबंधन के दूसरे प्रमुख सहयोगी RJD के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने भी यूथ कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मुद्दे वास्तविक हैं, शिकायतें भी हैं, लेकिन “जगह और तरीका बेहतर हो सकता था.” झा ने कहा, “मैंने कल भी कहा था और आज भी कह रहा हूँ मुद्दे मौजूद हैं, कुछ अस्पष्ट सौदों को लेकर सवाल हैं, फाइलों पर संशय है, किसानों की चिंता भी वास्तविक है. लेकिन किसी भी आंदोलन में जिम्मेदारी ज़रूरी होती है. बीजेपी ने भी पहले ऐसे काम किए हैं, पर वह भी गलत था. सवाल यह है कि क्या और बेहतर तरीका नहीं चुना जा सकता था?”
टीएमसी ने भी की आलोचना
टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो ने भी कांग्रेस की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि AI समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के सदस्यों द्वारा किया गया शर्टलेस प्रदर्शन बेहद खराब निर्णय को दर्शाता है. अंतरराष्ट्रीय नेताओं और वैश्विक व्यापार जगत के दिग्गजों की मौजूदगी वाले मंच पर इस तरह का व्यवहार हमारे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के बारे में गलत संदेश देता है.
लोकतंत्र विरोध का अधिकार देता है, लेकिन इसके साथ ज़िम्मेदारी की भी मांग करता है. जब हम विश्व के सामने भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो राजनीतिकनौटंकी के बजाय परिपक्वता और संयम दिखना चाहिए. राजनीतिक मतभेद कितने भी गहरे क्यों न हों, लेकिन वे कभी भी देश की गरिमा और सम्मान की कीमत पर नहीं होने चाहिए.”
इस बीच भाजपा ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी. बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने यूथ कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह “भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बदनाम करने” की कोशिश है. उन्होंने कहा, “क्या वे मोदी-विरोधी हैं या अब भारत-विरोधी हो गए हैं? कांग्रेस लोकतंत्र के मानदंडों का उल्लंघन कर रही है. राहुल गांधी मोदी का विरोध करते-करते अब भारत का विरोध करने लगे हैं.”
कांग्रेस ने किया बचाव
दूसरी तरफ कांग्रेस नेताओं ने यूथ कांग्रेस के कदम का बचाव किया, यह कहते हुए कि देश में संवाद और लोकतांत्रिक विरोध की गुंजाइश कम होती जा रही है, इसलिए युवा आवाज़ उठा रहे हैं. हालांकि, घटना के बाद गठबंधन में तनाव साफ झलक रहा है. विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार में, जहां SP और RJD कांग्रेस के प्रमुख सहयोगी हैं, वहां से मिली आलोचना कांग्रेस की रणनीति और एकजुटता पर सवाल खड़े करती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद INDIA ब्लॉक की सामंजस्य क्षमता और विपक्ष की एकता की अग्नि परीक्षा साबित हो सकता है.
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