- हिमाचल में मॉनसून की बारिश के साथ ही मौसम सुहावना हो गया है, जिसे पर्यटकों के चेहरे खिल गए हैं
- शिमला में बादल जमीन पर उतर आए और विजिबिलिटी जीरो हो गई है जिससे पर्यटक खुश हैं
- हिमाचल प्रदेश में 12 जुलाई तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों जमकर बारिश हो रही है. मॉनसून की एंट्री के बाद लगातार हो रही बारिश की वजह से बाढ़ आ गई है और भूस्खलन भी हो रहा है. मौसम विभाग ने राज्यभर में 12 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. बदलते मौसम के बीच राजधानी शिमला की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें पूरा शहर पूरी तरह बादलों से ढका दिखाई दे रहा है. शिमला में विजिविलटी जीरो हो गई है. हर तरफ सफेद परत छाई हुई है. ऐसा लग रहा है कि बादल मानो जमीन उतर आए हैं. इस नजारे से पर्यटकों के चहरे खुशी से खिल गए हैं.
बारिश से खले पर्यटकों के चेहरे
लोग मैदानी इलाकों से ये सोचकर ही पहाड़ों पर जाते हैं कि वहां का खुशनुमा मौसम देखने को मिलेगा. अब बारिश के बीच ऐसे नजारे देखकर पर्यटक बहुत ही खुश हैं. वे रेनकोट पहनकर खूब मस्ती कर रहे हैं. अपनी छुट्टियां वह मौजमस्ती के साथ बिता रहे हैं.
शिमला बादलों में 'लापता'
शिमला का रिज मैदान तो जैसे गायब सा हो गया है. बारिश के बीच ऐसा लग रहा है कि बादल यहां आसमान से जमीन पर उतर आए हों. बारिश इतनी ज्यादा हो रही है कि पर्यटक रेनकोट पहने हाथों में छाता लिए घूम रहे हैं और दिन में रात जैसा नजारा देखने को मिला. आसपास विजिविलिटी बहुत कम है.
रिज मैदान पर अंधेरा, हर तरफ धुंध
हालांकि बारिश की वजह से शिमला शहर बहुत ही हराभरा और खूबसूरत लग रहा है लेकिन इसके साथ ही लोगों की मुसीबत भी बढ़ गई है. बारिश की वजह से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. पर्यटक हाथों में छाता लिए घूम रहे हैं.
PTI फोटो.
शुक्रवार को शिमला के बाहरी क्षेत्र जुब्बड़हट्टी में सबसे अधिक 43.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. बारिश की वजह से करंट लगने से शिमला में एक शख्स की मौत भी हो गई. हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में शुक्रवार शाम तक पिछले 24 घंटों के दौरान मध्यम बारिश हुई, जिससे जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई और 49 सड़कें अवरुद्ध हो गईं. अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा मानसून ऋतु में अबतक राज्य को 15.27 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
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बारिश से बढ़ी लोगों की मुसीबत
उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम से बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई है तथा इसके साथ ही इस मानसून में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है. कांगड़ा और शिमला जिलों में एक-एक व्यक्ति की करंट लगने से मौत हुई, जबकि मंडी जिले में एक अन्य व्यक्ति की ऊंचाई से गिरने के कारण जान चली गई.
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