SC ने जताई RERA पर नाराजगी, कहा- जरूरत पड़े तो बंद कर दीजिए, वकील एम एल लाहोटी ने समझा दी हर बात

अदालत ने टिप्पणी की कि राज्यों को यह सोचना चाहिए कि RERA आखिर किन लोगों के लिए बनाया गया था और यदि स्थिति यही रही तो इसे समाप्त करने पर भी विचार किया जा सकता है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह टिप्पणी हिमाचल प्रदेश के मामले में की है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
नई दिल्ली:

रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरणों  यानी रेरा पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ी टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जरूरत पड़े तो RERA को ही खत्म कर दीजिए. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरणों (RERA) के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि ये संस्थाएं अपने उद्देश्य को पूरा करने में विफल रही हैं और केवल डिफॉल्टर बिल्डरों को सुविधा पहुंचाने का माध्यम बनकर रह गई हैं.

अदालत ने टिप्पणी की कि राज्यों को यह सोचना चाहिए कि RERA आखिर किन लोगों के लिए बनाया गया था और यदि स्थिति यही रही तो इसे समाप्त करने पर भी विचार किया जा सकता है. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह टिप्पणी हिमाचल प्रदेश के मामले में की है. मामला हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने से जुड़ा था, जिसमें राज्य RERA कार्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने संबंधी सरकारी अधिसूचना पर रोक लगा दी गई थी. 

हाईकोर्ट ने कहा था कि वैकल्पिक कार्यालय की पहचान किए बिना यह निर्णय लिया गया और इससे RERA का कामकाज ठप हो सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करते हुए राज्य सरकार को RERA कार्यालय शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी. साथ  ही यह भी निर्देश दिया कि प्रभावित पक्षों की सुविधा के लिए प्रमुख अपीलीय प्राधिकरण (अपील ट्रिब्यूनल) को भी धर्मशाला स्थानांतरित किया जाए. राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील माधवी दिवान पेश हुईं. इससे पहले एक ऐसे मामले में सुप्रीम कोर्ट हिमाचल प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के मुख्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने पर लगी हाईकोर्ट की रोक भी हटा चुका है.

यह भी पढ़ें: NDTV की मुहिम: जेवर गिरवी रखे, लोन-उधार लेकर खरीदा घर, बिल्डर ने बिके फ्लैट के थमाए कागजात; इंसाफ कब?

Advertisement
Featured Video Of The Day
Lok Sabha में Rahul Gandhi के भाषण पर बरसे Giriraj Singh, कहा- राहुल की भाषा पाकिस्तान जैसी
Topics mentioned in this article